Indian Navy First Sea Hawk Features: भारतीय नौसेना को एक और 'शिकारी' मिल गया है, जो नाइट विजन इक्विपमेंट और हेलफायर मिसाइलों के साथ रात के अंधेरे में दुश्मन का शिकार करने में माहिर है। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर कारी कुमार ने बुधवार को MH-60R सीहॉक हेलिकॉप्टर 'रोमियो' को कोच्चि में तैनात INS गरुड़ पर कमीशन किया।
इससे जहां नौसेना की सैन्य ताकत में इजाफा हुआ, वहीं समंदर की निगरानी करने की क्षमता भी बढ़ गई है। आइए विस्तार से बात करते हैं भारतीय नौसेना का हिस्सा बने समंदर के नए शिकारी की सी-हॉक हेलिकॉप्टर की कुछ खूबियों के बारे में।
6 हेलिकॉप्टर आए, 18 अगले साल मिल जाएंगे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, MH-60R सीहॉक हेलिकॉप्टर को अमेरिका की डेफेंस लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन ने बनाया है। भारत ने 2.6 अरब डॉलर में अमेरिका से 24 हेलिकॉप्टर खरीदे हैं, जो भारतीय नौसेना में शामिल ब्रिटेन से खरीदे गए सी-किंग हेलिकॉप्टर की जगह लेंगे। कैप्टन एम अभिषेक राम इनकी कमान संभालेंगे।
देश को अभी 6 हेलिकॉप्टर मिले हैं। बाकी 18 हेलिकॉप्टर साल 2025 तक मिल जाएंगे। MH-60R मॉडर्न टेक्नोलॉजी से युक्त अत्याधुनिक हेलिकॉटर हैं। पिछले काफी समय से समंदर में दुश्मनों की गतिविधियां काफी बंद गई हैं। इसे देखते हुए इन हेलिकॉप्टर को नौसेना का हिस्सा बनाया गया है।
समुद्र में छुपी पनडुब्बियों को तलाशने में सक्षम
सी-हॉक हेलिकॉप्टर समुद्र में छिपकर हमला करने वाली पनडुब्बियों को तलाश करके पलक झपकते ही उन्हें खत्म करने में सक्षम हैं। इन हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल समुद्र के अंदर तलाशी अभियानों, बचाव अभियानों और मेडिकल हेल्प उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। इन सी-हॉक हेलिकॉप्टरों को INS विक्रांत, फ्रिगेट, कॉर्वेट, डेस्ट्रॉयर्स पर भी तैनात करने की योजना है।