अमेरिका, चीन, रूस, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस के बाद भारत की सेना में भी बहुत जल्द थियेटर कमांड बनने जा रहा है. भारतीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देश के तीसरे सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के पद संभालने के बाद थियेटर कमांड बनने की पूरी संभावना बताई जा रही है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय सेना को उन पांच देशों की श्रेणी में देखना चाहते है, जिनके पास पहले से ही थियेटर कमांड बना हुआ है. जनरल एनएस राजा सुब्रमणि इसी हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात करने वाले है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मुलाकात में थियेटर कमांड पर मुहर लग सकती है.

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थियेटर कमांड क्यों जरूरी?
मेजर जनरल राजन कोचर के मुताबिक यह एक ऐसा डिफेंस स्ट्रक्चर है जो देश की तीनों सेना को एक ही मंच पर लाता है. यानी तीनों सेना के ऊपर अगर खतरा हुआ या युद्ध की स्थिति बनी तो एक ही कमांड से तीनों सेना को कमांड किया जा सकता है. ऐसा इसलिए कि देश की तीनों सेना आजादी के बाद से अपने पुराने नीति और रणनीति पर ही चल रही है, और भविष्य के युद्ध को देखते हुए नए पैटर्न पर सेना को आना बेहद जरूरी है.

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फिलहाल भारतीय रक्षा मंत्रालय इंटरनेशनल बॉर्डर की सिक्योरिटी को देखते हुए 3 कमांड बनाने की तैयारी में है.

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  • उत्तरी थिएटर कमान: चीन सीमा की सुरक्षा पर केंद्रित।
  • वेस्ट थिएटर कमान: पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा पर केंद्रित।
  • मैरीटाइम यानी समुद्री थिएटर कमान हिंद महासागर और समुद्री तटों की सुरक्षा के लिए।

थियेटर कमांड बनाने का मकसद

इसका मुख्य मकसद युद्ध के समय जल्द से जल्द फैसला लेने, मौजूद आर्म्स का इस्तेमाल और थल सेना, वायुसेना, और नौसेना के साथ तालमेल बैठाकर दुश्मन पर अटैक करने का एक मंच पर फैसला लेने से है. साल 2020 में है देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया था. और इस पर फाइनल मोहर जनरल अनिल चौहान ने लगाया था.

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बता दें, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मंजूरी मिलने के बाद थियेटर कमांड को अंतिम रूप देने के लिए फाइल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडिंग वाली कमेटी सीसीएस में भेजा जाएगा जिसके बाद देश की सेना को थियेटर कमांड मिल जाएगा.

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