भारत की अध्यक्षता में हुआ ब्रिक्स समिट 2026 खत्म होते ही केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की एनुअल रिपोर्ट 2025-26 रिलीज हो गई. इसमें लद्दाख में भारत-चीन सीमा LAC को लेकर अहम खुलासे किए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में LAC पर चीनी सेना की तैनाती में कमी आई. वहीं LAC पर भारतीय सेना की स्थिति मजबूत हुई है और सेना अब बॉर्डर पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. उत्तरी सीमाओं और ट्रेनिंग सेंटरों में अब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर सैन्य बल तैनात है.
गलवान हिंसा से खराब हुए थे रिश्ते
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स समिट में भारत-चीन के बीच हुई सकारात्मक राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत से बॉर्डर पर हालात में स्थिरता आई है. 2020 में गलवान हिंसा के बाद भारत-चीन के संबंध खराब हुए. 5 साल बाद दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत शुरू हुई. अक्टूबर 2025 में पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर लेवल की बैठक हुई थी, जिसमें बातचीत करके सीमा से जुड़े विवादों को सुलझाने और 5 साल से दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की कोशिश जारी है.
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बैठकें करके सुलझा रहे सीमा विवाद
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट से वतन लौटने के एक दिन बाद जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार, भारत-चीन में बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (BPM) का दौर भी जारी है, जिसके जरिए दोनों देशों ने एक दूसरे से जुड़े मुद्दों को एक-एक करके उठाया और उनके समाधान पर आपसी सहमति बनाकर उन्हें लागू किया. भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों (SR) की बैठक भी इस साल फिर से शुरू हुई, जिसके 2 दौर दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में आयोजित किए गए थे.
प्रधानमंत्री की चीन यात्रा कामयाब रही
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2025 में चीन गए थे, जहां तियानजिन में उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय वार्ता भी की. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक विकास को और मजबूती मिली. इसके अलावा रिपोर्ट में जम्मू और कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा स्थिति पर भी अपडेट दिया गया.रिपोर्ट के अनुसार,आम जनता ने विकास का मार्ग चुना है और इसके परिणामस्वरूप हिंसा का स्तर कम हुआ है, विरोध प्रदर्शन सीमित हुए हैं और पत्थरबाजी की घटनाएं नहीं हो रही हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना की स्थिति में काफी बदलाव आया.
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