Mangaluru Fishermen Rescue: समंदर की उफनती लहरें, खराब मौसम और डूबती नाव के बीच जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे छह मछुआरों के लिए भारतीय तटरक्षक बल (ICG) एक बार फिर देवदूत बनकर सामने आया है. तटरक्षक बल ने मंगलुरु के पास रात में एक बेहद चुनौतीपूर्ण और साहसिक अभियान चलाकर सभी 6 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया है.
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जानकारी के मुताबिक, 'मंजू माथा' नाम की एक मछली पकड़ने वाली नाव कर्नाटक के सूरतकल से लगभग 33 समुद्री मील दूर गहरे समुद्र में मौजूद थी. अचानक खराब मौसम और समंदर में उठी ऊंची लहरों की चपेट में आने से नाव का पतवार (हल) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. नाव टूटने के कारण उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे नाव डूबने का खतरा पैदा हो गया और मछुआरों की जान आफत में फंस गई.
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ICGS सचेत ने तुरंत संभाला मोर्चा
संकट की इस घड़ी में मछुआरों ने तुरंत वीएचएफ-आरटी (VHF-RT) के जरिए इमरजेंसी कॉल किया. भारतीय तटरक्षक बल के जहाज 'आईसीजीएस सचेत' (ICGS Sachet) ने इस आपातकालीन कॉल को ट्रेस किया और बिना एक पल गंवाए मौके की ओर रवाना हो गया. समंदर में हालात बेहद खराब थे, लेकिन तटरक्षक बल के जवानों ने हार नहीं मानी.
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रिमोट लाइफबॉय से बची जान
मौसम की खराबी और ऊंची उठती लहरों को देखते हुए जवानों ने सूझबूझ से काम लिया. मछुआरों तक पहुंचने के लिए दूर से संचालित होने वाली 'लाइफबॉय' का इस्तेमाल किया गया. एक-एक करके सभी 6 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद तटरक्षक बल सभी सुरक्षित बचाए गए मछुआरों को न्यू मंगलुरु बंदरगाह लेकर आया, जहां उन्हें आगे की देखभाल के लिए स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया है.
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इस बहादुरी भरे ऑपरेशन पर तटरक्षक बल के कमांडेंट अमित उनियाल ने न्यूज़ 24 से बातचीत में गर्व व्यक्त किया. उन्होंने कहा, "यह ऑपरेशन समुद्र में जीवन की सुरक्षा के लिए भारतीय तटरक्षक बल की अटूट प्रतिबद्धता का एक बड़ा प्रमाण है. भारतीय तटरक्षक बल हमेशा अपने आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं) पर दृढ़ रहता है. हम भारत के समुद्री क्षेत्र पर चौबीसों घंटे निगरानी रखते हैं और समुद्र में संकट में फंसे लोगों को समय पर सहायता देना हमारी पहली प्राथमिकता है."
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