Indian Army Train Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद भारतीय सेना ने देशहित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. सेना अब अपनी यूनिट्स के मूवमेंट के लिए सड़क मार्ग के बजाय ट्रेनों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करेगी. आर्मी के मुताबिक अच्छी बात यह है कि इससे सेना की परिचालन तैयारियों और ट्रेनिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि देश के ईंधन की भारी बचत होगी. आपको बता दें कि सेना के मूवमेंट में प्रत्येक साल लगभग 80 गाड़ियों का इस्तेमाल होता है, जिसमे छोटी गाड़ी से लेकर बस और ट्रक शामिल रहते हैं.

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सिर्फ संवेदनशील जगहों पर होगी गाड़ी से पेट्रोलिंग

सेना के इस नए प्लान के मुताबिक, अब सड़क मार्ग पर गाड़ियों का काफिला बेहद कम नजर आएगा. गाड़ियों का इस्तेमाल सिर्फ बेहद संवेदनशील और जरूरी जगहों पर पेट्रोलिंग के लिए ही किया जाएगा. बाकी सामान्य मूवमेंट के लिए भारतीय सेना अपनी 'मिलिट्री स्पेशल ट्रेनों' की मदद लेगी.

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हर साल इस्तेमाल होती हैं हजारों गाड़ियां

सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल ने न्यूज़ 24 को बताया कि इस फैसले से फोर्स की ट्रेनिंग या ऑपरेशनल रेडीनेस (तैयारियों) में कोई कमी नहीं आएगी. अमूमन सेना में हर तीन साल पर यूनिट्स का ट्रांसफर या बदलाव होता है. अगर यूनिट छोटी (40 से 60 सैनिक) है, तो ट्रांसफर के लिए 50 से 60 गाड़ियों की जरूरत होती है. वहीं, बड़ी यूनिट (80 से 110 सैनिक, जिसमें सिपाही से लेकर अफसर तक शामिल हैं) के मूवमेंट के लिए 70 से 80 गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें छोटी गाड़ियों से लेकर बस और ट्रक तक शामिल होते हैं. अब इस नए फैसले से इन गाड़ियों के ईंधन की बड़ी बचत होगी.

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कम दूरी के लिए भी चलेगी मिलिट्री स्पेशल ट्रेन

अब तक के नियम के मुताबिक, 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने के लिए ही मुख्य रूप से ट्रेनों का इस्तेमाल होता था. लेकिन अब कम दूरी के सफर के लिए भी ट्रेन का ही उपयोग किया जाएगा. भारतीय सेना के पास अपनी खुद की स्पेशल ट्रेनें होती हैं, जिनका रूट और शेड्यूल सेना खुद तय करती है और इसकी जानकारी रेल मंत्रालय को दी जाती है.

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गाड़ियों की उम्र बढ़ेगी और समय भी बचेगा

मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक, ट्रेनों के इस अधिक इस्तेमाल से न केवल करोड़ों रुपये का पेट्रोल-डीजल बचेगा, बल्कि सेना की गाड़ियों का रन (दौड़ना) कम होने से वे लंबे समय तक सुरक्षित और चालू हालत में रहेंगी. इसके साथ ही, ट्रेन से सफर करने के कारण सैनिकों के समय की भी बड़ी बचत होगी.

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