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SLBC Tunnel: सुरंग में फंसे 8 मजदूरों को बचाने उतरी भारतीय सेना, पीएम मोदी से सीएम रेड्डी की क्या हुई बात?

SLBC Tunnel: भारतीय थल सेना से मिली जानकारी के मुताबिक तेलंगाना में शनिवार को एक सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। श्रीशैलम बांध के पीछे स्थित सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। यह नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक नहर के निर्माणाधीन खंड पर स्थित है।

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

SLBC Tunnel Project Collapses: तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल परियोजना के अंदर बड़ा हादसा हुआ है। तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में डोमलपेंटा के पास शनिवार को श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) का एक हिस्सा ढह गया, इसमें 8 मजदूरों के फंसे होने की खबर है। मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, इस घटना पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दुख जताया है। बताया जा रहा हैं कि घटना तब हुई जब कुछ श्रमिक काम के सिलसिले में अंदर गए थे तभी सुरंग के 12-13 किलोमीटर अंदर छत गिर गई। बता दें कि मानवीय सहायता और आपदा राहत संचालन के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए भारतीय सेना के टास्क फोर्स को श्रीसैलम डैम के पास एक सुरंग के गिरने के बाद चल रहे बचाव कार्यों में सहायता करने के लिए लगाया गया है।

NDRF और SDRF की टीम तैनात

शनिवार की सुबह श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग के एक अंडर-कंस्ट्रक्शन स्ट्रेच की छत का तीन-मीटर खंड डोमलपेंटा के पास 14वें किमी के निशान पर गिर गया। यह घटना नगरकूर्नूल जिले में अमराबाद मंडल से लगभग 200 किमी दक्षिण में हुआ है। एक लंबे अंतराल के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू होने के 4 दिन बाद ही गिर गया। हालांकि, कुछ श्रमिक अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। 8 मजदूरों को अंदर फंसने की आशंका है। राहत कार्य के लिए NDRF और SDRF टीमों को साइट पर तैनात किया गया है, जबकि भारतीय सेना की एक इंजीनियर रेजिमेंट को बचाव के प्रयासों में सहायता करने के लिए एक खुदाई करने वाले डोजर के साथ स्टैंडबाय पर रखा गया था। इंजीनियर रेजिमेंट सिकंदराबाद के इन्फैंट्री डिवीजन का हिस्सा है।

भारतीय सेना ने इंजीनियर टास्क फोर्स को किया तैनात

भारतीय थल सेना ने बताया कि तेलंगाना के मुख्य सचिव की ओर से सहायता मांगने के बाद सेना ने महत्वपूर्ण बचाव अभियान के लिए अपने इंजीनियर टास्क फोर्स (ETF) को इस काम पर लगाया है। इंजीनियर टास्क फोर्स में कई टीमें शामिल हैं। इनमें विशेषज्ञ इंजीनियरिंग टीम, एक एम्बुलेंस के साथ आर्मी मेडिकल कॉर्प्स की फील्ड एम्बुलेंस के साथ एक मेडिकल टुकड़ी और तीन उच्च क्षमता वाले पंपिंग सेट, बख्तरबंद होसेस और अन्य सहायक उपकरण शामिल हैं।

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ये भी पढ़ें:- तेलंगाना में बड़ा हादसा, SLBC टनल प्रोजेक्ट में छत गिरी; 6 मजदूरों के दबने की आशंका

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

ईटीएफ कमांडर घटना स्थल पर नागरिक प्रशासन के साथ राहत-बचाव कार्यों को लेकर कोऑर्डिनेशन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त एक बचाव दल जिसमें इंजीनियर और उपकरण विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्हें भारी मशीनरी के साथ स्टैंडबॉय पर रखा गया है। जिसमें एक आकार II BD80 Dozer, JCB, और SSL तीन Tatra ट्रकों पर लोड किया गया है, यह अंतिम तैनाती के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। बता दें कि भारतीय सेना तेज और प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। अपनी विशेष क्षमताओं और जनशक्ति के जीवन रक्षक संचालन में सहायता के लिए जानी जाती है। बचाव मिशन चल रहा है और सभी फंसे हुए श्रमिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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पीएम मोदी ने CM रेड्डी से की बात, पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को फोन कर एसएलबीसी सुरंग में हुई दुर्घटना के बारे में जानकारी ली है। सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी को घटना की पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि सुरंग में 8 श्रमिक फंसे हुए हैं और उन्हें बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री को बताया कि मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और जुपल्ली कृष्ण राव राहत प्रयासों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। तेलंगाना सीएमओ के बयान के मुताबिक, सुरंग में आठ मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।

सीएम ने बचाव कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक बचाव कार्य में तेजी लाने और फंसे हुए श्रमिकों को बचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी, जुपल्ली कृष्ण राव, डीआईजी, आईजी और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। जिला कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारी बचाव कार्यों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना में घायलों को बेहतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। साथ ही प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया है कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। यह हादसा उस समय हुआ जब लगभग 50 मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कई मजदूर ढहने के तुरंत बाद बाहर निकलने में सफल रहे। हालांकि, आठ मजदूर अभी लापता हैं।

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