India On Naval Collision With Pakistan: भारत ने पश्चिमी अरब सागर में इंडियन नेवी के आईएनएस कोलकाता और पाकिस्तानी नेवी के जहाज पीएनएस हुनैन के बीच टक्कर के बारे में पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया है. भारत के विरोध पर इस्लामाबाद के जवाब को मामले को टालने की कोशिश बताया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के जवाब पर ध्यान दिया है, लेकिन पाकिस्तानी साइड के आरोपों और इशारों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है.

भारत ने टक्कर के हालात बताए

जायसवाल ने कहा कि आईएनएल कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में एक रूटीन डिप्लॉयमेंट कर रहा था, जब पीएनएस हुनैन ने कथित तौर पर ऐसा काम किया जिसे भारत ने नामंजूर और अनप्रोफेशनल बताया, जिसके कारण दोनों नेवी के जहाज टकरा गए. MEA के प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज के ओवरटेक करने के तरीके ने भारत और पाकिस्तान के बीच मिलिट्री एक्सरसाइज, मैनूवर और ट्रूप मूवमेंट पर एडवांस नोटिस पर 1991 के एग्रीमेंट के आर्टिकल 10 का उल्लंघन किया.

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इस नियम के मुताबिक समुद्र में काम करने वाली नेवी यूनिट्स को एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखनी होगी. जायसवाल ने आगे कहा कि पाकिस्तानी जहाज की हरकतें समुद्र में टक्कर रोकने के इंटरनेशनल नियमों के भी खिलाफ थीं.

भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वो ये एनश्योर करे कि उसकी मिलिट्री यूनिट्स समुद्र में काम करते समय ज्यादा सावधानी बरतें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इससे जुड़े द्विपक्षीय समझौतों का पालन करें. जायसवाल ने ये भी साफ किया कि इस घटना में आईएनएल कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और वो समंदर में ही है.

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रेड सी की सुरक्षा को लेकर चिंता

लाल सागर में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस रीजन में बढ़ते तनाव को लेकर बहुत फिक्रमंद है. उन्होंने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र, जिसमें आम नागरिक और फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, उसे निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की है. एमईए के प्रवक्ता ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का पर हमले की कोशिश के बारे में भारत के बयान का भी जिक्र किया.

जायसवाल के मुताबिक, ऐसे हमले इलाके की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं और बाब अल-मंदाब स्ट्रेट से होकर जाने की आजादी पर भी असर डाल सकते हैं, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक जरूरी समुद्री रास्ता है. भारत ने इस सिचुएशन को अनएक्सेप्टेबल बताया है और उम्मीद जताई है कि इलाके में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता वापस आ जाएगी.

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