रूस और यूक्रेन के बीच करीब पांच साल से जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच भारत ने एक अहम पहल की है. केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार ने दोनों देशों के बीच सीजफायर के लिए तीन पॉइन्ट वाला प्रस्ताव यूक्रेन के सामने रखा है. इस योजना में ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के साथ-साथ ब्लैक सी के जरिए अनाज और ऊर्जा की आपूर्ति बनाए रखने, व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने पर रोक लगाने की बात शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर की पिछले महीने कीव यात्रा के दौरान भारत ने यूक्रेन के सामने यह प्रस्ताव रखा था. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी इसकी पुष्टि की है.
क्या है भारत का वो 3 पॉइन्ट वाला फॉर्मूला?
- भारत की तीन हिस्सों वाले प्रस्ताव का पहला पॉइन्ट ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना है. युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से ऊर्जा प्रतिष्ठानों और दूसरे अहम ठिकानों पर हमलों का मुद्दा लगातार सामने आता रहा है.
- दूसरा पॉइन्ट ब्लैक सी के बंदरगाहों से अनाज और ऊर्जा की आवाजाही जारी रखना है. भारत का मानना है कि इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में सामान्य व्यापार और आपूर्ति बनाए रखना व्यापक वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है.
- तीसरे पॉइन्ट में ब्लैक सी से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमले रोकने का प्रस्ताव है. इसका उद्देश्य समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाना और युद्ध के प्रभाव को अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य तक फैलने से रोकना है.
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यूक्रेन ने कंफर्म किया भारत का प्लान
यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के अनुसार, कीव को युद्ध खत्म करने के लिए तुर्किये, मिस्र और अमेरिका की ओर से भी सीजफायर में मध्यस्थता का प्रस्ताव मिला है. उनका कहना है कि भारत की पहल इन अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों में सबसे व्यापक है. सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष विराम के अलग-अलग प्रारूपों पर विचार करने के लिए तैयार है. हालांकि, उनके मुताबिक किसी भी समझौते में सिर्फ सैन्य कार्रवाई रोकने की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि ऊर्जा और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे पर हमलों तथा ब्लैक सी की स्थिति को भी शामिल किया जाना चाहिए.
रूस ने भी की पीएम मोदी की सराहना
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत सरकार और पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना की है. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी के पास युद्ध का समाधान खोजने के लिए अच्छे विचार हैं. उन्होंने संघर्ष खत्म करने की दिशा में पीएम मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए भारत के रुख को भी महत्वपूर्ण बताया.
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