जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान के लिए जारी वीजा रद्द कर दिए गए हैं और अटारी बॉर्डर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ लिया सख्त फैसला
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पाकिस्तान के राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में मौजूद पाकिस्तानी राजदूत को जल्द ही वापस भेजा जाएगा। इन फैसलों को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त कूटनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तानियों को वापस जाने का आदेश
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि सरकार ने सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। जिन पाकिस्तानियों को वीजा दिया गया था, उसे रद्द कर दिया गया है। जो पाकिस्तान भी भारत में हैं उन्हें एक 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही MEA की तरफ से कहा गया है कि आतंक के खिलाफ हम जीरो टोलरेंस के तहत काम कर रहे हैं।
पांच बड़े फैसले
- 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।
- चेकपोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। जो लोग वैध वीजा के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 से पहले उस मार्ग से वापस आ सकते हैं।
- पाकिस्तानी नागरिकों को SAARC वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए किसी भी SPES वीजा को रद्द माना जाएगा। SPES वीजा के तहत वर्तमान में भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे हैं।
- नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित किया जाता है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय है।
- भारत अपने रक्षा, नौसेना के सलाहकारों और इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से वायु सलाहकार को वापस बुलाएगा और इस पदों पर पाकिस्तान के भी सभी पोस्ट निरस्त कर दिए हैं।