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तीस्ता रिवर प्रोजेक्ट पर चीन-बांग्लादेश की बढ़ती नजदीकी से भारत सतर्क, 'चिकन नेक' को लेकर बढ़ी चिंता

बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता रिवर प्रोजेक्ट को लेकर तेज होती बातचीत ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. ये प्रोजेक्ट भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ के करीब मौजूद है, जिसकी वजह से सुरक्षा और भू-राजनीतिक प्रभावों पर चर्चा तेज हो गई है.

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Credit: AI

बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता रिवर प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ती नजदीकी ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है. हाल ही में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के दौरान तीस्ता परियोजना पर चर्चा होने की खबरें सामने आई हैं. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बाकी मुद्दों पर भी बातचीत हो रही है. चिंता का सबसे बड़ी वजह इस परियोजना की जगह है. तीस्ता प्रोजेक्ट का इलाका भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर के काफी करीब मौजूद है. सिलिगुड़ी कॉरिडोर को ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, क्योंकि ये लगभग 20 से 22 किलोमीटर चौड़ी एक संकरी पट्टी है जो भारत के नॉर्थ-ईस्ट राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है. यह क्षेत्र भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है.

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क्यों खास है तीस्ता नदी?

तीस्ता नदी भारत के सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होकर बांग्लादेश में प्रवेश करती है. ये नदी दोनों देशों के लिए खेती और सिंचाई के लिहाज से बेहद खास मानी जाती है. लंबे समय से भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारे का मुद्दा फंसा हुआ है. इसी बीच बांग्लादेश के चीन को परियोजना में शामिल करने की कोशिशों ने नई भू-राजनीतिक बहस को जन्म दिया है. रिपोर्टों के मुताबिक, चीन समर्थित तीस्ता रिवर प्रबंधन और पुनर्स्थापन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बांग्लादेश लगातार बीजिंग से सहयोग मांग रहा है. इस परियोजना में नदी प्रबंधन, तट संरक्षण, जल भंडारण और बाकी आधारभूत ढांचे का विकास शामिल हो सकता है.

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भारत क्यों चिंता में है?

भारत की चिंता सिर्फ जल प्रबंधन तक सीमित नहीं है. भारत को आशंका है कि अगर चीन इस इलाके में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकसित करता है, तो उसका रणनीतिक असर भी बढ़ सकता है. पहले भी चीनी राजदूत और बांग्लादेशी अधिकारियों के तीस्ता परियोजना स्थल के दौरे को भारत ने गंभीरता से देखा था क्योंकि ये इलाका चिकन नेक के बेहद करीब है. हाल के सालों में बांग्लादेश और चीन के बीच आर्थिक, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग लगातार बढ़ा है. चीन बांग्लादेश में कई बड़े निवेश कर रहा है और दोनों देशों के रिश्ते पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं. फिलहाल तीस्ता परियोजना पर कोई फाइनल फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन चीन और बांग्लादेश के बीच बढ़ती नजदीकी पर भारत करीबी नजर बनाए हुए है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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