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सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान को भारत का लेटर, 5 पॉइंट में जानें खत में मंत्री ने क्या लिखा?

पहलगाम आतंक हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि खत्म करने का फैसला किया। अब इस फैसले को लागू करने के लिए भारत सरकार ने प्लानिंग शुरू कर दी है। प्लानिंग के तहत भारत सरकार ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को एक लेटर लिखा है।

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल दिन मंगलवार को बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत गुस्से में है और पाकिस्तान को इस बार सबक सिखाने का संकल्प ले चुका है। संकल्प पूरा करने के लिए पहला कदम सिंधु जल समझौता रद्द करने का उठाया गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने तुंरत प्रभाव से पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता रद्द किया और सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोक दिया। बीते दिन इस मुद्दे पर जल शक्ति मंत्रालय में एक बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय जलशक्ति मंत्री CR पाटिल ने प्रतिबद्धता जताई कि पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं दिया जाएगा, इसके लिए 3 फेज वाला प्लान बनाया गया है। 3 तरह की रणनीति बनाकर पाकिस्तान के साथ सिंध जल संधि खत्म की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सिंधु बेसिन की नदियों के किनारे बांधों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि अधिक पानी संग्रहित किया जा सके। हालांकि पाकिस्तान ने जल संधि के निलंबन को 'युद्ध की कार्रवाई' बताया है, लेकिन भारत अपने फैसले पर अडिग है। बैठक के बाद जलशक्ति सचिव देबाश्री मुखर्जी ने भारत सरकार की ओर से पाकिस्तानी जल संसाधन मंत्रालय के सचिव मुर्तजा को संबाधित करते हुए सिंधु जल संधि पर एक लेटर लिखा है। आइए जानते हैं कि इस लेटर में क्य लिखा गया है...   1. पाकिस्तानी अधिकारियों को भेजे गए खत में भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने लिखा कि जम्मू कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा जो आतंक फैलाया जा रहा है, वह सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों की पूर्ति में में बाधा डालता है। 2. किसी भी संधि का सद्भावपूर्वक सम्मान करने का दायित्व मौलिक अधिकार है, लेकिन दायित्व निभाने की बजाय पाकिस्तान द्वारा भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियां करके भारत विरोधी काम किए जा रहे हैं। 3. लेटर में सिंधु जल संधि के अनुच्छेद 12 (3) के तहत 1960 में बने सिंधु जल समझौते के प्रस्ताव में और क्लीन एनर्जी डेवलपमेंट के लिए आवश्यक बदलाव करने की मांग की गई है। पाकिस्तान पर सिंधु जल संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। 4. लेटर में साफ-साफ लिखा गया है कि पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए भारत सरकार सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का फैसला करती है और फैसले को लागू करने के लिए 3 तरह की प्लानिंग करेगी, जिन्हें एक-एक करके लागू किया जाएगा। 5. लेटर के साथ पाकिस्तान सरकार को संधि जल संधि को निलंबित करने के अपने निर्णय को लागू करने के लिए एक औपचारिक अधिसूचना जारी करके उसकी प्रति भी भेजी गई है। नई दिल्ली द्वारा लेटर और नोटिफिकेशन की कॉपी पाकिस्तान को सौंप दी गई है।


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