मिडिल ईस्ट में आज जंगा का 12वां दिन है। हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मिडिल ईस्ट युद्ध में लाखों भारतीय भी प्रभावित हैं। इसको लेकर भारत ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची को कॉल किया। इस दौरान मिडिल ईस्ट संघर्ष पर दोनों के बीच विस्तार से बात हुई।
बता दें कि अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच चल रहे मौजूदा संघर्ष के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत थी। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स प्लेटफॉर्म पर खुद इसकी जानकारी दी। जयशंकर ने लिखा कि आज शाम ईरान के विदेश मंत्री @araghchi के साथ चल रहे संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर विस्तृत बातचीत हुई। हम संपर्क में रहने पर सहमत हुए। इससे पहले जयशंकर ने 28 फरवरी और 5 मार्च को अरघची से बात की थी।
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ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया कि भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। कहा कि ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों और जलमार्गों की सुरक्षा पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य आक्रामकता के प्रभावों पर भी चर्चा की।
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कहा कि फारस की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के सैद्धांतिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, ईरान के विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि फारस की खाड़ी में जहाजों के लिए उत्पन्न असुरक्षित स्थिति और समस्याएं संयुक्त राज्य अमेरिका की आक्रामक और अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों का परिणाम हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस स्थिति के लिए अमेरिका को जवाबदेह ठहराना चाहिए।