'पाकिस्तान में स्टेट स्पॉन्सर आंतकवाद', हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी', UNGA में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर
India At UNGA 81th Session: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के 81वें सेशन में भारत को रिप्रेजेंट किया देश का पक्ष दुनिया के सामने रखा. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में जारी आतंकवाद, मिडिल ईस्ट टेंशन, फिलिस्तीन और यूक्रेन के मसले बात की.
S Jaishankar At United Nations General Assembly: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद के कथित समर्थन को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि भारत आतंकवादी हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अपने हक का इस्तेमाल करना जारी रखेगा.
PAK का नाम लिए बिना हमला
जयशंकर की यह टिप्पणी पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद आई है. अपने भाषण के में सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम लिए बिना, जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के रिकॉर्ड वाले एक देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ‘तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने’ की कोशिश की थी.
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#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, "Yesterday, a serial practitioner of terrorism misrepresented facts before this assembly. Arguments were invoked to normalize terrorism and claim immunity from its… pic.twitter.com/KlIWxILcp6
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को उचित ठहराने या नॉर्मल बनाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कामों के लिए जिम्मेदार देशों को अपना नजरिया बदलना चाहिए, उन्होंने कहा कि दोस्ती और सद्भावना पर आधारित रिश्ते आतंकवाद के साथ जारी नहीं रह सकते.
#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, "A persistent threat to peace has been the scourge of terrorism. That this could be state-sponsored, with cross-border purpose, makes it a direct affront to the… pic.twitter.com/9MS2KwFRjj
विदेश मंत्री ने गल्फ में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कॉन्फ्लिक्ट जोन से दूर बसे देशों को भी इसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है, जबकि जो लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं उनका विकास पर अक्सर सीमित असर होता है. उन्होंने कहा, भारत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाकर जारी दुश्मनी और हमलों को लेकर फिक्रमंद है. नई दिल्ली ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की रक्षा करने और ऊर्जा और कमर्शियल गुड्स की आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील कू. जयशंकर ने कहा कि भारत खाद्य और ऊर्जा-सुरक्षा चिंताओं को दूर करने की कोशिशों में योगदान देने के लिए तैयार है.
#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, "Countries far from conflicts are being penalized for no fault of theirs. Those most impacted often have the least say. This assembly must face up to the true state… pic.twitter.com/S3hoYiFXQw
वेस्ट एशिया के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत टू-स्टेट सॉल्यूशन पर आधारित शांति का समर्थन करता है. उन्होंने फिलिस्तीनियों को भारत की मानवीय सहायता पर भी बात की. उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार अस्थिरता और दबाव ग्लोबल पीस को कमजोर कर सकता है.
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#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, "India is prepared to do everything possible to ameliorate this situation, especially with regard to food and energy security. Tensions and violence also regrettably… pic.twitter.com/oOUGn6MyLF
यूक्रेन पर एस जयशंकर ने कहा कि संघर्ष एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत शांति हासिल करने के मकसद से चल रहे राजनयिक कोशिशों का सपोर्ट करता है. उन्होंने नाविकों की सुरक्षा, फूड और एनर्जी की सप्लाई बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर डाला. जयशंकर ने भारत के विकास की कोशिशों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, बिजली, सड़क और पीने के पानी में प्रोग्रेस ग्लोबल स्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है.
#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, "The conflict in Ukraine, now in its fifth year, is equally concerning. As Prime Minister Narendra Modi stated, endless war must give way now to an end to war. India… pic.twitter.com/AAgqZq0T4d