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'मॉक संसद' में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश, मल्लिकार्जुन खरगे ने लगाए 6 गंभीर आरोप

Mock Parliament: खरगे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने संसद की अनुमति के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया, जो कि एक आपराधिक कार्य है. उन्होंने चुनाव में वोट चोरी के साथ-साथ एसआईआर के जरिए 13.2 करोड़ मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया.

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चुनाव में वोट चोरी के साथ-साथ एसआईआर के जरिए 13.2 करोड़ मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया. (Photo: ANI)

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए शनिवार को इंडिया गंठबंधन की मॉक संसद में कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी पर कई गंभीर आरोप लगाए. इंडिया ब्लॉक की मॉक पार्लियामेंट में मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया और सीईसी पर 6 गंभीर आरोप लगाए. खरगे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने संसद की अनुमति के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया, जो कि एक आपराधिक कार्य है. उन्होंने चुनाव में वोट चोरी के साथ-साथ एसआईआर के जरिए 13.2 करोड़ मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया.

ज्ञानेश कुमार को आजीवन कानूनी सुरक्षा क्यों दी गई?

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपनी सरकार के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जो आजीवन कानूनी सुरक्षा दी थी, उसका मकसद देश और भारत के संविधान के खिलाफ उनके द्वारा किए गए आपराधिक कार्यों को छिपाना था. इसलिए, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए. भारत की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों और 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इकट्ठा हुए नागरिकों ने यह संकल्प लिया है कि भारत की जनता के साथ किए गए इस गंभीर विश्वासघात के लिए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय संविधान के कानूनी ढांचे के अनुसार देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए.’

‘रातों-रात की SIR की घोषणा’

उन्होंने आगे कहा, ‘ECI ने रातों-रात SIR की घोषणा कर दी. इसे पूरे देश में लागू किया गया, जिसका असल मकसद BJP के विरोधियों के वोट हटाना था… मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बाहरी लोगों और घुसपैठियों का बहाना ले रही है. उनका आरोप है कि हम घुसपैठियों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है. हम तो बस असली और वैध मतदाताओं को सूची में बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं. हम ऐसा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कर रहे हैं.’

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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