वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सदन में नया आयकर बिल 2025 पेश किया गया। इसके बाद लोकसभा सदन को 10 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
बजट 2025 में इनकम टैक्स बिल की घोषणा की गई थी, लेकिन टैक्सपेयर्स की आसानी के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा नहीं बदल गई थी। इनकम टैक्स स्लैब और कैपिटल गेन्स में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इनकम टैक्स बिल 2025 में भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
नए इनकम टैक्स बिल 2025 में रेजिडेंसी एक्ट बदलाव नहीं होगा। पुराने कानून में इसे लेकर जो प्रावधान किए गए हैं, वहीं नए एक्ट में भी रहेंगे। मौजूदा कानून में रेजिडेंसी एक्ट 3 कैटेगरी ऑर्डिनरी, नॉन-ऑर्डिनरी और NRI में डिवाइड है। मौजूदा कानून के अनुसार, टैक्सपेयर्स को पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड देखना पड़ता है, ताकि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में उनकी रेजिडेंसी का पता चले। दूसरे शब्दों में, आप भारत में कितने दिन रहे, यह जानने के लिए पिछले 10 साल का हिसाब देखना पड़ेगा।
नए इनकम टैक्स बिल 2025 में मौजूदा कानून की कई धाराओं में बदलाव हो सकता है। मौजूदा एक्ट 1961 में, इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग धारा-139 के तहत आती है, जबकि न्यू टैक्स रिजीम सेक्शन 115BAC के तहत आती है। नए बिल में यह दोनों धाराएं बदल सकती हैं और नई धाराएं इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग और न्यू टैक्स रिजीम को काफी आसान बना देंगी।
नए इनकम टैक्स बिल 2025 में फाइनेंशियल ईयर नहीं बदलेगा। यह एक अप्रैल से ही शुरू होगा और 31 मार्च को ही खत्म होगा, लेकिन नए आयकर बिल में कैलेंडर ईयर को टैक्स ईयर नहीं माना जाएगा।
1. नए बिल में टैक्स ईयर का नया कॉन्सेप्ट मिलेगा। अभी असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर से टैक्सपेयर्स को परेशानियां होती हैं। लोग टैक्स भरते और रिटर्न फाइल करते समय दोनों कॉन्सेप्ट में कन्फ्यूज हो जाते हैं। नए कॉन्सेप्ट से लोगों को यह समझने में आसानी होगी कि वे किस साल का टैक्स भर रहे हैं? किस साल का रिटर्न फाइल कर रहे हैं। जैसे अगर आप 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कमाएंगे तो यह आपका टैक्स ईयर 2025-26 होगा।
नया इनकम टैक्स बिल 2025 मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 1961 से आकार में छोटा है। 622 पन्नों के नए बिल में 23 चैप्टर और 536 धाराएं हैं। 16 शेड्यूल हैं, जबकि मौजूदा आयकर अधिनियम 880 से ज्यादा पन्नों का है और इसमें 298 धाराएं, 14 शेड्यूल हैं।
आज संसद में लोकसभा की कार्यवाही 5 मिनट ही चल सकी। विपक्ष ने सदन शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया था। विपक्षी JPC रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे थे, जिस वजह से सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।