यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर ने प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या एक बार इस्तीफा देने के बाद कोई अधिकारी अपनी नौकरी पर वापस लौट सकता है. ऑल इंडिया सर्विसेज के नियमों के मुताबिक आईएएस, आईपीएस या आईएफएस अधिकारी अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ कड़े प्रावधान और समय सीमा तय की गई है. नियम यह कहता है कि अगर कोई अधिकारी अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहता है, तो उसे इस्तीफा सौंपने के 90 दिनों यानी 3 महीने के भीतर लिखित में आवेदन देना होगा. यह समय सीमा अधिकारी को सोच-विचार करने और भविष्य का फैसला लेने के लिए दी जाती है.
इस्तीफे की कानूनी प्रक्रिया और मुख्य शर्तें
ऑल इंडिया सर्विसेज के रूल 5(1) और 5(1)(ए) के तहत इस्तीफे की प्रक्रिया काफी लंबी और तकनीकी होती है. नियम के अनुसार, अधिकारी का इस्तीफा पूरी तरह बिना किसी शर्त के होना चाहिए और उसमें पद छोड़ने की असली वजह का साफ उल्लेख होना जरूरी है. जब भी कोई आईएएस इस्तीफा देता है, तो वह उसे संबंधित राज्य के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) को भेजता है. वहीं, आईपीएस अधिकारी अपना इस्तीफा राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सौंपते हैं. हालांकि, इस्तीफा मंजूर करना या न करना पूरी तरह राज्य के हाथ में नहीं होता. राज्य सरकार केवल शुरुआती जांच करती है और अंतिम फैसला केंद्र सरकार के पाले में होता है.
यह भी पढ़ें: ‘बिना काम के वेतन लेना मंजूर नहीं’, UP कैडर के IAS रिंकू राही ने सिस्टम से तंग आकर दिया इस्तीफा
राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका
इस्तीफा मिलने के बाद राज्य सरकार यह जांच करती है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई सतर्कता मामला (विजिलेंस केस), बकाया राशि या कोई विभागीय जांच लंबित तो नहीं है. अगर अधिकारी पर कोई जांच चल रही होती है, तो आमतौर पर इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाता है. सभी औपचारिकताओं को पूरा करने और विजिलेंस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही राज्य सरकार इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजती है. आईएएस के मामले में इस्तीफे को मंजूरी देने वाली अंतिम अथॉरिटी डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) होती है. एक बार जब डीओपीटी की तरफ से इस्तीफा मंजूर हो जाता है और प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो उसे वापस लेना नामुमकिन हो जाता है.
किन स्थितियों में नहीं मिल सकती वापसी की अनुमति?
इस्तीफा वापस लेने के अधिकार पर कुछ खास पाबंदियां भी लगाई गई हैं ताकि सेवा की गरिमा बनी रहे. ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के मुताबिक, अगर किसी अधिकारी ने इस मंशा से त्यागपत्र दिया है कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होगा या चुनाव लड़ेगा, तो उसे अपना इस्तीफा वापस लेने का कानूनी हक नहीं दिया जाता. रिंकू सिंह राही के मामले में उन्होंने अपनी पुरानी सेवा (पीसीएस) में वापस भेजे जाने की मांग की है, जो इस पूरी प्रक्रिया को और भी पेचीदा बना देती है. प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से इस्तीफा देने और मूल सेवा में वापसी की मांग के बीच का रास्ता पूरी तरह नियमों की व्याख्या और सरकार के रुख पर निर्भर करता है.
संबंधित खबरें
CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ी मुश्किलें, केरलम सरकार के 20 साल पुराने केस में विजिलेंस जांच के आदेश, जानें क्या है मामला?
31 mins agoभूकंप के झटकों से इंडोनेशिया में दहशत, रिक्टर स्केल पर 5.2 रही तीव्रता, म्यांमार और भारत में भी महसूस हुआ कंपन
1 hr agoAaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: राजस्थान में 14 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर, सिरोही, दौसा, सीकर और फलौदी को मिले नए SP
3 hrs agoबीजेपी के पूर्व केबिनेट मंत्री का सरकार पर हमला, बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल
10 hrs agoभारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, राजदूत को किया तलब; फीरोजपुर घटना पर दिया करारा जवाब
10 hrs agoरूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर के लिए आगे आया भारत, युद्ध रुकवाने के लिए मध्यस्थता का दिया ऑफर
11 hrs agoसंसदीय स्थायी समितियों का पुनर्गठन; शशि थरूर फिर से बने विदेश मामलों के प्रमुख, चन्नी को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी
13 hrs agoKal Ka Mausam: दिल्ली-यूपी, बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम, IMD ने दिया अपडेट; इन राज्यों में हो सकती है भारी बारिश
13 hrs agoभारत को हर साल चाहिए 36-40 फाइटर जेट… एयरफोर्स चीफ एपी सिंह की चिंता की क्या है वजह?
14 hrs ago'हमें गर्व है', स्मित मच्छार से अस्पताल में मिले UAE के डिप्टी पीएम, जानिए अब कैसी है भारतीय कैप्टन की तबीयत
15 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines