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एक ही पटरी पर दौड़ रहीं मेट्रो और 'नमो भारत', जानिए- कैसे काम कर रहा भारत का यह पहला अनूठा मॉडल

पीएम मोदी ने पहले नमो भारत RRTS और बाद में मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया. जिस तरह पीएम मोदी ने एक ही इवेंट में दो उद्घाटन कर एक तीर से दो निशाने साधने जैसा काम किया है, वैसा ही ‘नमो भारत’ और मेरठ मेट्रो को बनाने में किया गया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर का उद्घाटन किया. इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के अलावा मेरठ मेट्रो का भी शुभारंभ किया गया है. इसे भारत की सबसे तेज अर्बन रेल सिस्टम बताया जा रहा है. पीएम मोदी ने पहले नमो भारत RRTS और बाद में मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया. जिस तरह पीएम मोदी ने एक ही इवेंट में दो उद्घाटन कर एक तीर से दो निशाने साधने जैसा काम किया है, वैसा ही ‘नमो भारत’ और मेरठ मेट्रो को बनाने में किया गया है.

नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों एक पटरी पर चल रही हैं. हालांकि, दोनों के कोच अलग-अलग हैं. RRTS के जरिए दिल्ली से मेरठ के सफर कुछ मिनटों में किया जा सकता है, वहीं मेट्रो मेरठ के भीतर शहर के अंदर चल रही है. मेरठ खंड में RRTS के चार स्टेशन हैं, मेरठ मेट्रो उसी खंड पर 13 स्टेशनों को कवर करती है. इसके साथ ही, मेरठ भारत का पहला शहर बन गया है, जहां दो ट्रेन सर्विस RRTS और मेट्रो एक ही ट्रैक पर चलती हैं. मेरठ मेट्रो की मैक्सिमम स्पीड 120 kmph है और शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में लगभग 30 मिनट लगते हैं.

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ऐसे मामलों में, एडवांस्ड सिग्नलिंग से ऑपरेशन आसान होता है. प्लेटफॉर्म दोनों तरह की ट्रेनों के लिए डिजाइन किए गए हैं.

‘नमो भारत’ नई दिल्ली के सराय काले खां को उत्तरी मेरठ के मोदीपुरम से जोड़ता है. यह कॉरिडोर 82 किमी लंबा है. इसे NCRTC ने बनाया है. इन ट्रेनों को सेमी हाई स्पीड रीजनल ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है. ये 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं. दिल्ली और मेरठ की पूरी यात्रा अब करीब 55-58 मिनट में पूरी हो जाती है. पहले सड़क के रास्ते दो घंटे से ज्यादा समय लग जाता था.

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यह भी पढ़ें : Delhi Meerut Namo Bharat Train: 55 मिनट में दिल्ली टू मेरठ, जानें क्या होगा रूट-किराया और सुविधाएं?

भारत में इस तरह का प्रयोग पहली बार मेरठ में किया गया है. हालांकि,दूसरे कई देशों में पहले से ऐसी व्यवस्था है. जर्मनी के कार्ल्सरूहे में ट्राम ट्रेनें शहर के ट्राम ट्रैक और मेनलाइन रेलवे ट्रैक दोनों पर चलती हैं. पेरिस में, RER नेटवर्क के कुछ हिस्से सबअर्बन और नेशनल रेल सर्विस के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर करते हैं. टोक्यो में भी ऐसी ही व्यवस्था है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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