लोकसभा में मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों किस तरह मारा गया उसका सिलसिलेवार ब्यौरा दिया। शाह ने बताया कि कैसे ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंक के तंत्र को जड़ से हिलाकर रख दिया। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब भी तथ्यों और प्रमाणों के साथ दिया।
निर्दोषों की नृशंस हत्या, अब आतंकियों का खात्मा
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गृहमंत्री ने सबसे पहले पहलगाम हमले की बर्बरता का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या की गई, धर्म पूछकर उनके परिवार के सामने उन्हें मारा गया। यह अत्यंत अमानवीय था और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मारे गए नागरिकों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। गृहमंत्री ने बताया कि हमले में शामिल तीनों आतंकवादी सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिबरान को भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया। उन्होंने बताया कि सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी का कमांडर था अफगान और जिबरान भी लश्कर के ही ए-ग्रेड आतंकी थे ये तीनों बेसरन घाटी में आम नागरिकों की हत्या में शामिल थे।
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पीएम के नेतृत्व में आतंकियों को बनाया निशाना
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गृहमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन आतंकियों को भेजने वालों को भी निशाना बनाया गया। NIA ने आतंकियों को शरण देने वालों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया था। जब आतंकियों के शव श्रीनगर पहुंचे, तो पहचान की पुष्टि हो गई कि यही तीनों पहलगाम हमले के दोषी थे। बताया जा रहा है कि FSL रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई है।
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आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
गृह मंत्री के इस बयान ने साफ कर दिया कि मोदी सरकार आतंकवाद को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है। ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी से भारत ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वो आतंकी हमलों का जवाब सिर्फ शब्दों से नहीं, कार्रवाई से देता है।
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