HIV AIDS In Tripura : देश के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में समय के साथ छात्रों के बीच एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम के मामले चिंताजनक रूप से बढ़े हैं। त्रिपुरा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (TSACS) की एक हालिया रिपोर्ट में इसकी तस्वीर देखने को मिली है। समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार इस सरकारी संस्था ने अब तक एचआईवी पॉजिटिव छात्रों के 828 मामले रजिस्टर किए हैं। इनमें से 572 अभी जीवित हैं और 47 की मौत हो चुकी है।
राज्य के कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित संस्थानों में जा चुके हैं। इससे एचआईवी संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि नॉर्थ-ईस्ट के बाहर यह खबर भले ही हैरान करने वाली हो लेकिन यह क्षेत्र इस समस्या का सामना कई साल से करता आ रहा है। सोसायटी की डायरेक्टर डॉ. समर्पिता दत्ता कहती हैं कि एचआईवी इंफेक्शंस यहां नए नहीं हैं। यहां हर साल औसतन 1500 मामले दर्ज किए जाते हैं।
युवाओं के बीच तेजी से क्यों फैल रहा है एचआईवी एड्स?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य में युवाओं और छात्रों के बीच एड्स के मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। इसके पीछे सुई से ड्रग लिए जाने को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सोसायटी की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से पहले (साल 2015 से 2020 तक) इस तरह की ड्रग का प्रचलन 5 प्रतिशत था। कोविड के बाद (साल 2020 से 2023 तक) यह दर 10 प्रतिशत हो गई। 1999 में यहां एचआईवी पॉजिटिविटी रेट 0.56 प्रतिशत था जो 2023-24 में 0.92 हो गया था।
ये भी पढ़ें: नागराज करते हैं पुरी के खजाने की पहरेदारी! क्यों सपेरों को खोज रहा मंदिर प्रशासन?
ये भी पढ़ें: जितनी देर में कपड़े पहनेंगे उतने में चार्ज हो जाएगी कार! क्रांति ला सकती है नई बैटरी
‘नीडल शेयरिंग’ से एचआईवी संक्रमित होने के मामले बढ़े!
बता दें कि पिछले साल के मुकाबले एचआईवी का सेक्सुअल ट्रांसमिशन 2 प्रतिशत कम हुआ है। लेकिन, नीडल शेयरिंग (नशे के लिए इंजेक्शन शेयर करना) इस जानलेवा वायरस के ट्रांसमिशन के एक प्रमुख तरीके के रूप में सामने आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह ब्लड-टू-ब्लड कॉन्टैक्ट से फैलता है। डॉ. दत्ता का कहना है कि एचआईवी एड्स से संक्रमण के मामले बढ़ते रहेंगे क्योंकि इंफेक्शन को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है। जो पॉजिटिव पाए जाते हैं वह पॉजिटिव ही रहते हैं।
ड्रग एडिक्ट्स के इंफेक्ट होने की संभावना 43 गुना ज्यादा
सोसायटी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इंजेक्शन से ड्रग लेने वाले लोगों की एचआईवी की चपेट में आने की संभावना आम वयस्क जनता के मुकाबले 43 गुना ज्यादा होती है। यह राज्य के युवाओं के लिए काफी चिंता का मसला है। राज्य में इंजेक्शन से ड्रग लेने के कुल दर्ज मामलों में से 87 प्रतिशत में ड्रग यूजर की उम्र 16 से 30 साल के बीच रही है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी 21 से 25 साल की उम्र के युवाओं की है। 12 ऐसे इंजेक्टेबल ड्रग यूजर भी मिले हैं जिनकी उम्र 15 साल से कम है।
ये भी पढ़ें: आंख जैसे दिखने वाले इस ग्रह पर हो सकता है जीवन! वैज्ञानिकों ने ढूंढा अनोखा प्लैनेट
ये भी पढ़ें: अगले साल होगी विनाश की शुरुआत! क्या कहती हैं Baba Vanga की भविष्यवाणियां?
संबंधित खबरें
पटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, मची चीख पुकार
6 mins ago'वे मार्च रोक सकते हैं, हौसला नहीं', राहुल गांधी ने शेयर किया पोस्ट
27 mins agoराज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, यूपी के दो निर्दलीयों का नामांकन रद्द
44 mins agoराहुल के प्रदर्शन से अखिलेश ने क्यों बनाई दूरी? दूसरे दिन सपा के सांसद गायब
1 hr agoइंस्टाग्राम पर बनी दोस्त, मिलने पहुंचा तो हनी ट्रैप में फंसा बैंक मैनेजर
2 hrs agoCEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, जंतर-मंतर पर धरना देने निकले राहुल गांधी
6 hrs agoSIR पर चुनाव आयोग का जवाब, 13.39 करोड़ वोटरों को लेकर बताया पूरा आंकड़ा
7 hrs agoक्या प्रोटेस्ट कर रहे सांसदों-विधायकों को अरेस्ट कर सकती है पुलिस?
9 hrs agoरूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत का प्लान तैयार, क्या है वो 3 पॉइन्ट?
9 hrs agoअसम में कांग्रेस को बड़ा झटका, बैलेट पेपर पर हुआ निकाय चुनाव हारी पार्टी
10 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines