हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

'... तो हिंदू को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा', धर्म परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट पर बड़ा फैसला

धर्म परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि ईसाई धर्म अपनाकर सक्रिय रूप से उसे मानने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं रह सकता। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन

धर्म परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं हो सकता। कोर्ट ने फैसला दिया कि मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित हिंदू को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाएगा और वह SC/ST एक्ट का दावा नहीं कर सकता।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि ईसाई धर्म अपनाकर सक्रिय रूप से उसे मानने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं रह सकता। कोर्ट ने नोट किया कि याचिकाकर्ता ने एक दशक तक ईसाई धर्म का पालन किया और पादरी के रूप में रविवार की प्रार्थनाएं भी आयोजित कीं।

यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने जारी की SIR सप्लीमेंट्री लिस्ट, पश्चिम बंगाल के 29 लाख वोटरों पर आया फैसला

विज्ञापन

1950 का आदेश क्या है?

अनुसूचित जातियां भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत परिभाषित हैं। इसके अनुसार, हिंदू धर्म, सिख धर्म और बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी का सदस्य नहीं माना जा सकता। 1950 के राष्ट्रपति आदेश में यह भी कहा गया था कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के दलितों को ही अनुसूचित जाति सूची का सदस्य माना जा सकता है।

यह भी पढ़ें: CJI ने चुनाव निकाय नियुक्तियों के मामले से खुद को किया अलग, सामने आई ये वजह

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola