चंडीगढ़: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कार्यकारी निकाय ने शुक्रवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) (एचएसजीएमसी) अधिनियम, 2014 को मान्य करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए खारिज कर दिया। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। जिसमें कहा गया, जब सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 लागू है, तब यह राज्य सरकार द्वारा पारित गुरुद्वारा अधिनियम एसजीपीसी के अधिकार क्षेत्र को प्रभावित नहीं कर सकता।
अभी पढ़ें – ‘गांधी परिवार से कोई भी अगला कांग्रेस अध्यक्ष नहीं होना चाहिए’, अशोक गहलोत से बोले राहुल गांधी
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए धामी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का एक राजनीतिक कोण है और उनमें से एक न्यायाधीश का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से सीधा संबंध है। इसलिए यह निर्णय राजनीतिक हितों से प्रेरित है। उन्होंने कहा, इसके लिए एक सबूत जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
समीक्षा की जाएगी दायर
धामी ने आगे बताया कि कार्यकारी समिति एसजीपीसी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था ने समीक्षा याचिका दायर करने का फैसला किया है और 30 सितंबर को अमृतसर में भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए एसजीपीसी के सभी सदस्यों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
कार्यकारी निकाय ने हरियाणा सरकार को सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 के तहत कार्यरत किसी भी गुरुद्वारा साहिब या संस्थानों को अपने कब्जे में लेने से आगाह किया। उन्होंने कहा, सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में कोई संशोधन करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है और वह भी एसजीपीसी के सामान्य सदन की मंजूरी के बाद।
राज्य सरकारों को अधिकार नहीं
धामी ने कहा, राज्य सरकारें सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 के अधिकार क्षेत्र को कम नहीं कर सकती हैं। समय-समय पर सरकारों ने सिख शक्ति को कमजोर करने और एसजीपीसी मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए रणनीति अपनाई है, लेकिन वे पंथ की एकता के आगे कभी सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा, ऐसा प्रयास 1959 में किया गया था लेकिन सिखों के विरोध के कारण सफल नहीं हो सका।
हो चुका है समझौता
सिखों के विरोध के बाद अप्रैल 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष मास्टर तारा सिंह के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 में संशोधन करने के लिए एसजीपीसी के जनरल हाउस की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया।
अभी पढ़ें – Andhra Pradesh: विधानसभा में श्रम कल्याण कोष सहित 9 विधेयक पारित
सिख समुदाय दुखी
उन्होंने कहा कि सिख समुदाय इस बात से दुखी है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसका मूल संगठन आरएसएस भी कांग्रेस के नक्शेकदम पर चल रहा है। हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री (सीएम) भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एसजीपीसी को तोड़ने के लिए असंवैधानिक साजिश के तहत एक्ट पास करने की कोशिश की। बीजेपी सरकार ने भी ऐसा ही किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अकाली सरकार के दौरान दायर एक हलफनामे को बदलकर सिख विरोधी होने का सबूत पेश किया और आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा का समर्थन किया।
अभी पढ़ें – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़े
Click Here – News 24 APP अभी download करें
संबंधित खबरें
रामलीला मैदान का एक दिन का किराया 1.21 लाख रुपये, साल के अंत तक 3 दिन खाली
27 mins agoरेलवे में 3548 वैकेंसी, 6 नवंबर लास्ट डेट - योग्यता, फीस
42 mins agoSC में सुनवाई के लिए लिस्टेड क्यों नहीं हुई राहुल गांधी की याचिका?
56 mins ago'वोट चोरी, SIR, CEC ज्ञानेश कुमार', राहुल गांधी की याचिका में क्या-क्या?
1 hr agoराहुल गांधी के घर आज जुटेगा INDIA ब्लॉक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 'हाई-टी'
1 hr agoLIVE: CEC के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में हो सकती सुनवाई
1 hr ago'जनता डरने वाली नहीं...', मार्च के बाद राहुल गांधी ने जारी किया Video संदेश
8 hrs agoबैटमैन मास्क की क्या है कहानी? राहुल गांधी ने खरगे को भी पहनाया
9 hrs ago6 राज्यों में नए गवर्नर्स का ऐलान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की नियुक्ति
10 hrs agoमहंगे इलाज के खिलाफ केंद्र का एक्शन! अब अस्पताल नहीं ऐंठ पाएंगे भारी फीस
10 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines