भारत सरकार ने हाल ही में सिविल सेवकों की जवाबदेही तय करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है. सरकार ने यूनियन सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों के लिए एक विस्तृत स्कोरकार्ड सिस्टम लागू किया गया है. इस नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारियों का मूल्यांकन केवल आकलन से नहीं बल्कि तय किए गए मानकों के आधार पर किया जाएगा. इसके साथ ही मानकों आधार पर अंक भी दिए जाएंगे जिसके आधार पर आकलन किया जाएगा. कैबिनेट सचिवायल द्वारा शुरू की गई इस प्रणाली में मेरिट और लापरवाही दोनों को मापदंडों पर परखा जाएगा.
इस मामले से जुड़ी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें ये बताया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों को 100 अंकों के पैमाने पर परखा जाएगा. इसमें भी कई पैरामीटर्स शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि इस रिपोर्ट कार्ड में नेगेटिव मार्किंग और डिस्क्रेशनरी मार्क्स को भी शामिल किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी कई मौकों पर सरकारी कामकाज में देरी खत्म करने पर जोर दे चुके हैं, इसी को देखते हुए ये व्यवस्था लाई गई है.
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मामले को लेकर सरकार का भी बयान आया है. सरकार का कहना है कि उचित मूल्यांकन से नागरिकों, बिजनेस और स्टार्टअप्स को इजाजत, ग्रांट और लाइसेंस जैसी प्रकियाओं में तेजी मिलेगी. कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सितंबर, अक्तूबर और नवंबर 2025 के लिए तैयार पहला प्रशासनिक रिपोर्ट कार्ड जनवरी 2026 में सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को भेज दिया गया है.
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किन मापदंड़ों पर होगा मूल्यांकन?
मूल्यांकन के मानकों में फाइल निपटान को सबसे ज्यादा 20 अंक दिए गए हैं. इसके बाद आउटपुट और गतिविधियों को 15 अंक और योजनाओं और कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर खर्च को भी 15 अंक का वेटेज दिया गया है. अन्य मानकों में जन शिकायत निवारण, कैबिनेट नोट की तैयारी, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप द्वारा मॉनिटर किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स की समय पर पूर्ति और पे एंड अकाउंट्स ऑफिस तथा चीफ कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स द्वारा बिलों की समय पर मंजूरी शामिल है.
नेगेटिव मार्किंग भी शामिल
इस स्कोरकार्ड में नेगेटिव मार्किंग भी शामिल की गई है. इसमें 12 अंक नेगेटिव मार्किंग के लिए रखे गए हैं. ये अंक विदेशी दौरों या आयोजनों पर अत्यधिक खर्च, सचिव स्तर पर फाइलों के लंबे समय तक लंबित रहने और माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को भुगतान में देरी जैसी स्थितियों में दिए जा सकते हैं. इसमें 5 अंक डिस्क्रेशनरी के लिए भी रखे गए हैं, जिन्हें कैबिनेट सचिव किसी सेक्रेटरी या डिपार्टमेंट के असाधारण काम या फिर किसी तरह के विशेष योगदान के लिए दे सकते हैं.