फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट की बढ़ती ऑनलाइन पाइरेसी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. न्यूज़ एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म टेलीग्राम को एक नोटिस जारी किया है. इसमें टेलीग्राम से कहा गया है कि वो अपने प्लेटफ़ॉर्म पर पायरेटेड फ़िल्मों और OTT कंटेंट के बड़े पैमाने पर फैलने के मामले में तुरंत कार्रवाई करे. नोटिस के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B) ने टेलीग्राम से कहा है कि वो उन चैनलों और ग्रुप्स के ख़िलाफ़ तेज़ी से कार्रवाई करे जो कॉपीराइट वाले कंटेंट को बिना इजाज़त के फैला रहे हैं, इनमें OTT प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद फ़िल्में और वेब सीरीज़ शामिल हैं. ये नोटिस ऑनलाइन पायरेसी और भारत के एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम पर इसके असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जारी किया गया है.
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मंत्रालय ने क्या निर्देश दिए?
निर्देश के मुताबिक, टेलीग्राम से कहा गया है कि वो पायरेटेड कंटेंट को शेयर करने से रोकने के लिए असरदार उपाय करे और कॉपीराइट उल्लंघन के लिए प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अपने सिस्टम को मजबूत करे. कंपनी से ये भी कहा गया है कि वो मंत्रालय के निर्देशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए 15 दिनों के तय समय के अंदर एक डिटेल्ड रिपोर्ट सौंपे. सरकार का ये कदम भारत की क्रिएटर इकोनॉमी को सुरक्षित करने और मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों- जैसे फिल्ममेकर्स, ब्रॉडकास्टर्स, OTT प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और दूसरे अधिकार रखने वालों के हितों की रक्षा करने के मकसद से उठाया गया है.
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ऑनलाइन पाइरेसी है बड़ी चुनौती
ऑनलाइन पाइरेसी लंबे समय से फ़िल्म और डिजिटल स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती रही है. नई रिलीज़ हुई फ़िल्मों और वेब सीरीज़ की पाइरेटेड कॉपी अक्सर रिलीज़ के कुछ ही समय बाद मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म और दूसरे ऑनलाइन चैनलों पर आ जाती हैं. इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने अधिकारियों से बार-बार डिजिटल पाइरेसी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की अपील की है, क्योंकि इससे भारी आर्थिक नुकसान होता है और कंटेंट बनाने वालों पर बुरा असर पड़ता है. निर्देशों के बाद, अब उम्मीद है कि मैसेज-शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म नोटिस का जवाब देगा और मंत्रालय के तय 15 दिनों की समय-सीमा के अंदर अपनी रिपोर्ट जमा करेगा.
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यूज़रनेम फ़ीचर के बारे में जानकारी मांगी
लगभग दो दिन पहले, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeiTY) ने टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस भेजकर उनके यूज़रनेम फ़ीचर और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, किसी और का रूप धरने (इम्पर्सोनेशन) और गलत इस्तेमाल से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी मांगी थी. ये कदम सरकार ने मेटा को उसके नए यूज़रनेम फ़ीचर को लॉन्च करने को लेकर इसी तरह का नोटिस भेजने के कुछ दिनों बाद उठाया है. सरकार ने कहा था कि इस नए फ़ीचर से धोखाधड़ी और ऑनलाइन फ़िशिंग जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है. मेटा को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि ऐसा माना जा रहा है कि ये फ़ीचर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और किसी और का रूप धरकर किए जाने वाले हमलों की घटनाओं को काफ़ी बढ़ा सकता है क्योंकि इससे गलत इरादे वाले लोग पीड़ितों से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें मैसेज भेज सकते हैं.
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