जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे देश को चौंका दिया है. मौत को करीब से देखने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में 88 साल के फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ऊपर वाले का शुक्र है कि उन्होंने मेरी जान बचा ली. उन्होंने बताया कि जब गोलियां चलीं, तो उन्हें लगा कि शादी में पटाखे फूट रहे हैं.
वहीं, फारूक अब्दुल्ला ने उन पर हुए हमले के बाद आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने उन पर हुए हमले की घटना की पूरी जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'मैं प्रोग्राम से बाहर निकल रहा था, तभी मुझे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी. मुझे तुरंत सुरक्षाकर्मियों ने कार में बिठाया. बाद में पता चला कि एक शख्स पिस्तौल लिए हुए था और उसने दो गोलियां चलाई थीं.' उन्होंने साफ किया कि वह उस हमलावर को नहीं जानते और न ही उन्हें पता है कि वह उन्हें क्यों मारना चाहता था.
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20 साल से फिराक में था हमलावर
मिली जानकारी के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने वाला व्यक्ति जम्मू का ही रहने वाला है. उसका नाम कमल सिंह जमवाल है और उसकी उम्र 63 साल है. वहीं, पकड़े जाने के बाद आरोपी ने पुलिस के सामने बेहद चौंकाने वाले कई खुलासे किए हैं. जमवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को जान से मारने की कोशिश कर रहा था. वहीं, शादी वाले घर में लगे सीसीटीवी की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी जमवाल अब्दुल्ला के पीछे से आया और उन पर बंदूक तान दी. हालांकि इस दौरान गनीमत रही कि उसका निशाना चूंक गया और अब्दुल्ला को एक भी गोली नहीं लगी. इस दौरान आस-पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया.
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फारूक अब्दुल्ला को मिली हुई है जेड प्लस सिक्योरिटी
बता दें कि फारूक अब्दुल्ला को जेड प्लस (Z+) सुरक्षा मिली हुई है, इसके बावजूद हमलावर का उनके इतना करीब पहुंच जाना बड़े सवाल खड़े करता है. इस घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने खुद फारूक अब्दुल्ला को फोन कर उनका हालचाल जाना और जांच का भरोसा दिलाया. अब्दुल्ला ने कहा, 'गृह मंत्री का फोन आया था, उन्होंने जांच की बात कही है और जांच होनी भी चाहिए. शादी में पुलिस की मौजूदगी नहीं थी, इसे सुरक्षा की बड़ी चूक कहना भी गलत नहीं होगा.'