PM Narendra Modi: पीएम नरेन्द्र मोदी को भेंट किये गए भगवान राम के प्रतीक चिह्न, राधा-कृष्ण की सोने की परत वाली कलाकृति, युद्धपोत आईएनएस सूरत एवं आईएनएस नीलगिरि के मॉडल तथा खेल उपलब्धियों को दर्शाने वाली वस्तुओं सहित लगभग 1500 उपहार 17 सितंबर से शुरू होने वाली आठवीं ‘पीएम स्मृति चिह्न’ ई-नीलामी का हिस्सा होंगे.

31 अक्टूबर तक ऑक्शन

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यहां राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ई-नीलामी 31 अक्टूबर तक चलेगी. देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किये गए उपहारों और स्मृति चिह्नों का एक संग्रह भी संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा.

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1498 चीजों की नीलामी

इनमें नौसेना के पोत आईएनएस नीलगिरि और मिसाइल विध्वंसक आईएनएस सूरत के मॉडल शामिल हैं, जिन्हें पिछले साल 15 जनवरी को मोदी की मौजूदगी में सशस्त्र बल में शामिल किया गया था. दोनों मॉडल पर लगे लेबल के अनुसार, सेवा में शामिल किये जाने के दौरान नौसेना प्रमुख ने ये मॉडल मोदी को भेंट किए थे. शेखावत ने कहा कि इस साल ई-नीलामी में 1498 वस्तुएं शामिल हैं, जो बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के मौके पर शुरू होगी.

संस्कृति मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 8वें संस्करण में 50 खास 'हीरो ऑब्जेक्ट्स' शामिल हैं, जो संग्रह की कुछ अनोखी वस्तुओं को दर्शाती हैं. इनमें कर्नाटक से भगवान राम का प्रतीक चिह्न (आधार मूल्य 13.50 लाख रुपये), काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति (आधार मूल्य 9 लाख रुपये), 'ट्री ऑफ लाइफ' गोंड आर्ट पेंटिंग (आधार मूल्य 7.50 लाख रुपये), रथ पर जगन्नाथ परिवार (आधार मूल्य 6 लाख रुपये) और 99.99 सोने की परत वाली राधा-कृष्ण कलाकृति (आधार मूल्य 5.40 लाख रुपये) शामिल हैं.

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कई राज्यों की हिस्सेदारी

मंत्रालय ने कहा कि ‘पीएम स्मृति चिह्न’ ई-नीलामी में शामिल वस्तुएं अलग-अलग राज्यों की हिस्सेदारी के साथ भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को बखूबी दर्शाती हैं. मंत्रालय ने कहा कि नीलामी से प्राप्त आय को नमामि गंगे कार्यक्रम में हस्तांतरित किया जाता है.

पहले भी हुई है नीलामी

शेखावत ने कहा कि पहले सात संस्करण के दौरान 7,400 से ज़्यादा वस्तुओं की नीलामी की गई, जिनसे 52 करोड़ रुपये मिले. आठवें संस्करण में 1,498 यादगार वस्तुएं पेश की जा रही हैं. इस मौके पर शेखावत ने कहा कि यह संग्रह देश की कलात्मक और आध्यात्मिक परंपराओं, पारंपरिक कारीगरी, सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और खेल उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है. इनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल हैं.

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