Gen Z Slangs At Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुआ स्टूडेंट प्रोटेस्ट सिर्फ नारों और प्रदर्शनों तक ही सीमित नहीं था. इसने ये भी दिखाया कि 'जेन जी' इंटरनेट कल्चर, मीम्स और गेमिंग से बनी भाषा में कैसे बातचीत करते हैं. जहां ये आंदोलन गंभीर मुद्दों पर फोकस्ड था, वहीं युवा वर्ग के बीच बातचीत में ऐसे वायरल स्लैंग का खूब इस्तेमाल हो रहा था जिन्हें समझना कई बड़े उम्र के लोगों के लिए मुश्किल था.

डेली लैंग्वेज का हिस्सा?

Delulu, Slay और No Cap जैसे वर्ल्ड कई लोगों को कंफ्यू कर रहे थे, लेकिन ये Gen Z की डेली लाइफ की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं. युवा वर्ग अक्सर सोशल मीडिया पर इस तरह की बातचीत करते रहते हैं जिन्हें मिलेनियल्स अक्सर समझ नहीं पाते.

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'जेन जी' की लैंग्वेज अलग क्यों है?

हर पीढ़ी अपनी पहचान जाहिर करने के लिए बातचीत का अपना तरीका बनाती है. 'जेन जी' के लिए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मीम कल्चर, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ने डेली लाइफ की लैंग्वेज को शेप देने में अहम रोल अदा किया है. इनमें से कई वर्ड्स का यूज अब स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों और यहां तक कि देश के सबसे अहम आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी किया जाता है. जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट ने दिखाया कि कैसे डिजिटल कल्चर असल जिंदगी की बातचीत का हिस्सा बन गया है.

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पॉपुलर 'जेन जी' स्लैंग और उनके मतलब

Dead (डेड): इतनी जोर से हंसना कि हंसी रुक न पाए.

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Cooked (कुक्ड): ऐसी स्थिति जो बहुत बुरी हो गई हो या जिसे ठीक न किया जा सके.

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Slay (स्ले): किसी ने बहुत बढ़िया काम किया हो या सबको इम्प्रेस किया हो.

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Clown (क्लाउन): ऐसा व्यक्ति जो अपनी हरकतों से खुद को शर्मिंदा करता हो.

Cap (कैप): झूठ या ऐसी बात जो सच न हो.

No Cap (नो कैप): 'मैं सच कह रहा हूं' या 'मैं पूरी तरह ईमानदार हूं.'

Delulu (डेलुलु): कोई ऐसा इंसान जो इमेजनरी वर्ल्ड में जी रहा हो या जिसकी उम्मीदें रियलिटी से दूर हों.

Aura (ऑरा): किसी शख्स की खास मौजूदगी, कॉन्फिडेंस या कुल मिलाकर उसकी वाइब

NPC (एनपीसी): ऐसा शख्स जो बिना सोचे-समझे दूसरों की नकल करता है या उनको फॉलो करता है.

Touch Grass (टच ग्रास): किसी को सोशल मीडिया से ब्रेक लेने और असल दुनिया में वक्त बिताने के लिए कहने का मजाकिया तरीका.

It’s Giving (इट्स गिविंग): किसी शख्स या चीज से मिलने वाले अंदाज, ऊर्जा या एहसास को बताने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Gen Z की स्लैंग को समझना क्यों जरूरी है?

हर पीढ़ी के साथ भाषा बदलती है और Gen Z की वोकैबलरी उस डिजिटल वर्ल्ड को दिखाती है जिसमें वे बड़े हुए हैं. जैसे-जैसे इंटरनेट कल्चर रोजाना की बातचीत पर असर डाल रहा है, ये शब्द क्लासरूम, वर्कप्लेस और यहां तक कि पब्लिक प्रोटेस्ट में भी कॉमन होते जा रहे हैं.