NEET-UG पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए सीजेपी प्रोटेस्ट और उसकी वजह से शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है. इस बीच झारखंड में भी पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिससे सरकार और छात्रों के बीच विवाद की खाई बढ़ती जा रही है. जेन जी (Gen Z) युवाओं के प्रोटेस्ट पर अब धर्मेंद्र प्रधान ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस्तीफे के बाद पहली बार छात्र आंदोलन पर बोलने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों ने युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की.
इस्तीफे पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
भुवनेश्वर स्थित जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं. पिछले 10 वर्षों में करीब 20 करोड़ बच्चे देश की आबादी का हिस्सा बने हैं. उन्होंने कहा कि यही युवा भारत की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएंगे और देश को 'विश्व गुरु' बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे. धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री पद उनके लिए कभी व्यक्तिगत प्राथमिकता नहीं रहा.
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नवीन पटनायक पर क्यों भड़के प्रधान?
अपने संबोधन के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध और उनके खिलाफ लगाए गए 'धर्मेंद्र प्रधान गो बैक' के नारों से वह परेशान नहीं हैं. खुद को किसान का बेटा बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाएगा, तब भी वह लौटकर आएंगे.
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नवीन पटनायक पर लगाया ये आरोप
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उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे ओडिशा की जनता को शर्मिंदा होना पड़े. उन्होंने याद दिलाया कि करीब 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से वह केंद्र सरकार में मंत्री बने थे.
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