असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर जमकर निशाना साधा है। बिस्वा ने गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से कथित संबंधों को लेकर कड़ी आलोचना की। कहा कि कांग्रेस नेता ने पड़ोसी देश को वैधता प्रदान करने का प्रयास किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई ने 18 मार्च 2011 से 17 मार्च 2012 तक पाकिस्तान में काम किया और उनके परिवार के अली तौकीर शेख के साथ घनिष्ठ संबंध थे। कहा कि मैं असम में निवेश के प्रस्ताव के साथ सिंगापुर में था। उस समय यह तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें असम के सांसद गौरव गोगोई कुछ युवाओं को पाकिस्तान दूतावास ले जाते हुए दिख रहे थे। अब्दुल बासित उस समय भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त थे। एक तरह से उन्होंने पाकिस्तान को वैधता देने की कोशिश की। अगर आप इस तस्वीर को कारगिल युद्ध के संदर्भ में देखें, तो असम के कैप्टन जिंटू गोगोई ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। कई अन्य लोगों ने भी देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
---विज्ञापन---
सीएम ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री के साथ देश की जनता के मजबूत समर्थन के बारे में सभी जानते हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी अन्य कांग्रेस नेता ने कभी इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान का दौरा किया होगा। लंबे समय तक मुझे लगा कि तस्वीर फोटोशॉप की गई है। लेकिन दो-तीन दिन बाद कांग्रेस नेताओं ने इसका समर्थन करना शुरू कर दिया। तब मुझे एहसास हुआ कि यह तस्वीर असली है। इसके बाद हमने पूरी जांच शुरू की क्योंकि यह एक अलग घटना नहीं हो सकती।
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: CM हिमंत बिस्वा पर दर्ज होंगी 100 FIR? जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने क्यों खोला मोर्चा
उन्होंने आगे कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को सकारात्मक जवाब मिलते ही मामला केंद्र को सौंप दिया जाएगा।
कहा कि इसके बाद अब्दुल बासित ने असम का दौरा भी किया। लेकिन राजदूत तो कभी भी आ सकते हैं, मैं इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहता। इस तस्वीर के बाद, वे असम भी आए। फिर हमने इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की, और पता चला कि इसमें कुछ और भी है।
दावा किया कि हमने छानबीन की और पाया कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई 18 मार्च, 2011 से 17 मार्च, 2012 तक पाकिस्तान में काम कर रही थीं। फिर हमने अलग-अलग सार्वजनिक स्रोतों और सोशल मीडिया पर और खोजबीन की। हमें पता चला कि यह परिवार अली तौकीर शेख नाम के एक व्यक्ति से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है। उन्होंने पाकिस्तान में काम किया और उस दौरान वे अली तौकीर शेख नाम के एक पाकिस्तानी सज्जन के बहुत करीब आ गए।
बता दें कि शनिवार को हिमंता बिस्वा सरमा ने एसआईटी जांच को एक केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की घोषणा की। उन्होंने अली तौकीर शेख की पर्यावरणविद् के रूप में वैधता पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अली तौकीर शेख कभी पर्यावरणविद् नहीं थे, वह सिंधु जल संधि और भारत- पाकिस्तान के बीच मौजूदा संघर्ष क्षेत्र से संबंधित अन्य मुद्दों पर पाकिस्तान का पक्ष ले रहे थे।