Friendship Day Special: सपनों की राह कितनी भी कठिन हो, लेकिन अगर सच्चे दोस्तों का साथ हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती आसान हो जाती है. इस फ्रेंडशिप डे पर ऐसी ही एक डिजिटल दोस्ती की कहानी सामने आई है, जिसने अकेलेपन और कठिन तैयारी को मात देकर सफलता का इतिहास रच दिया. टेलीग्राम के एक छोटे से स्टडी ग्रुप से शुरू हुई यह अनोखी दोस्ती आज तीन बड़े अधिकारियों की कामयाबी की मिसाल बन चुकी है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 का रिजल्ट आते ही इन तीनों दोस्तों का सपना एक साथ पूरा हो गया. तीनों अलग-अलग शहरों के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी मेहनत और इरादे एक ही थे.
ऑनलाइन पढ़ाई और अटूट भरोसा
यूपीएससी की तैयारी को अक्सर बहुत कठिन और अकेला सफर माना जाता है, लेकिन सिद्धार्थ, चंद्रप्रभा और खुशहाली ने इसे अपनी दोस्ती से आसान बना दिया. अलग-अलग शहरों में रहने के बावजूद तीनों रोज रात को 10 बजे ऑनलाइन कॉल पर जुड़ते थे. दिनभर की पढ़ाई पर चर्चा करना, एक-दूसरे के मॉक इंटरव्यू लेना और कमियों को सुधारना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था. जब भी कोई दोस्त पढ़ाई के दबाव में निराश होता, तो बाकी दो उसका हौसला बढ़ाते थे. इस मजबूत ग्रुप स्टडी और आपसी भरोसे के दम पर ही तीनों ने एक साथ सफलता का स्वाद चखा.
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संघर्ष से सफलता तक का सफर
वाराणसी के सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग के बाद नौकरी छोड़ दी थी. कई बार की असफलता के बाद अपने छठे प्रयास में 118वीं रैंक हासिल कर वह आईपीएस अफसर बने. वहीं महाराष्ट्र की चंद्रप्रभा शर्मा अमेरिका से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी कर देश सेवा के लिए भारत लौटी थीं. उन्होंने भी अपने छठे प्रयास में 289वीं रैंक हासिल की और आईआरएस अधिकारी बनीं. चंद्रप्रभा का परिवार पर्यावरण के प्रति बेहद जागरूक है. इन दोनों के साथ तीसरे दोस्त के रूप में बीकानेर की खुशहाली सोलंकी ने भी अपना जलवा बिखेरा और अपने सपने को साकार किया.
IAS खुशहाली की शानदार कामयाबी
राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली खुशहाली सोलंकी ने एनआईटी सूरत से अपनी पढ़ाई पूरी की थी. उनके पास आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई करने का बेहतरीन मौका था, लेकिन उन्होंने देश सेवा का रास्ता चुना. शुरुआती दो कोशिशों में निराशा मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. अपने दोस्तों के सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से उन्होंने तीसरे प्रयास में 61वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की और आईएएस अफसर बनीं. खुशहाली का सपना एक ऐसी अधिकारी बनने का है, जो आम जनता की समस्याओं को समझकर उनकी मदद कर सके. इन तीनों दोस्तों की सफलता आज युवाओं को प्रेरित कर रही है.
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