पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसी दबाव में इस्तीफा दिया? लोगों की चर्चा में आज तक ये बस सवाल ही था। लोगों को आधिकारिक रूप से अभी तक इसका जवाब नहीं मिला है। हालांकि अब पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। धनखड़ के इस्तीफा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन (धनखड़) पर कोई दबाव नहीं था। उन्होंने बस इस्तीफा दिया और चले गए।
गत 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने उप राष्ट्रपति के पद के इस्तीफा दे दिया था। धनखड़ के इस फैसले ने सबको चौंका दिया। लोगों में बीजेपी की तरफ की दबाव की चर्चा तेजी से चलने लगी थी, हालांकि धनखड़ ने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। इस्तीफा देने के बाद धनखड़ कई दिनों तक गुम रहे थे। इसको लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर खूब निशाना साधा था। यहां तक धनखड़ की सुरक्षा तक पर सवाल उठने लगे थे। नए उप राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण जैसे कुछ मौकों पर ही धनखड़ नजर आए थे।
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ऊंचे पद से कौन इस्तीफा देता है?
धनखड़ के इस्तीफे पर हामिद अंसारी ने कहा कि मुझे आज तक नहीं पता कि क्या हुआ। आखिर इतने ऊंचे पद से कौन इस्तीफा देता है। कहा कि मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि उपराष्ट्रपति का पद देश के बहुत बड़ा पद होता है और उस पद से इस्तीफा देना पहले कभी नहीं हुआ है।
इस्तीफे पर विस्तार से बात करते हुए अंसारी ने कहा कि उपराष्ट्रपति का इस्तीफा सिर्फ एक ही स्थिति में होता है, जब कोई उपराष्ट्रपति देश का राष्ट्रपति बन जाता है, तब वो अपने पद से इस्तीफा देकर दूसरा पद को ग्रहण करता है। इस्तीफा देने पर कहा कि यहां इसके पीछे की कहानी क्या है, मुझे नहीं पता।
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