4 राज्यों में बनाए जाएंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, पेपर लीक पर PM मोदी के ऐलान के बाद एक्शन में सरकार

नीट पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर ऐलान किया कि इस केस में दोषियों को जल्द कठोर सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा.

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नीट पेपर लीक को लेकर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा. नीट पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर ऐलान किया कि इस केस में दोषियों को जल्द कठोर सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा. पीएम मोदी के इस ऐलान के बाद सरकार ने भी तत्काल एक्शन लिया और 4 राज्यों मे फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश जारी किया गया है.

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NEET पेपर लीक मामले की होगी सुनवाई


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब NEET पेपर लीक से जुड़े आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा. केंद्र सरकार जल्द ही संबंधित राज्य सरकारों और संबंधित हाई कोर्ट से स्पेशल कोर्ट के गठन का अनुरोध करेगी. इन अदालतों में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की नियमित और प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी. कोर्ट में फैसले जल्द सुनाए जाएंगे ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके.

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क्या है सार्वजनिक परीक्षा कानून 2024?


गौरतलब है कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून में पेपर लीक, संगठित नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और अवैध तरीकों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है. दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान भी किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. यह कानून सिर्फ नीट से जुड़े मामलों के लिए नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी परीक्षाओं को भी इसके दायरे में रखा गया है.

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सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले में इस कानून के तहत अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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