Farmers Protest Kisan Andolan X Centre Government Tensions: केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया कंपनी 'एक्स' ने बड़ा दावा किया है। 'एक्स' का कहना है कि सरकार ने उसे कुछ खातों और लिंक को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करती है तो कंपनी और उसके कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई जेल और जुर्माना के रूप में हो सकती है।
बढ़ सकता है तनाव
X के दावे से कंपनी और केंद्र सरकार के बीच तनाव और बढ़ सकता है। कंपनी ने 2022 में अकाउंट्स को बंद करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। हालांकि, फैसला उसके खिलाफ रहा था। गुरुवार को X के ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स हैंडल से किए गए पोस्ट में कंपनी ने कहा कि कानूनी प्रतिबंधों की वजह से हम आदेशों को पब्लिश नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन हमें विश्वास है कि उन्हें सार्वजनिक करना पारदर्शिता के लिए जरूरी है।
किन खातों को ब्लॉक करने का मिला आदेश?
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जिन अकाउंट्स को सरकार ने ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं, उनमें से ज्यादातर अकाउंट किसान आंदोलन के पक्ष में ट्वीट कर रहे हैं। इस महीने के शुरुआत में गृह मंत्रालय ने फेसबुक, X और इंस्टाग्राम पर सैकड़ों खातों और लिंक को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। एक्स का कहना है कि हम इन अकाउंट्स और पोस्ट को भारत में रोक देंगे, लेकिन हम इन कार्रवाईयों से सहमत नहीं हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होगा।
X के बयान की समीक्षा कर रही सरकार
आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार X के बयान की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर जवाब देगी। वहीं, X ने कहा कि उसने उन यूजर्स को नोटिस भेजा है, जिनके अकाउंट सरकार के आदेशों के कारण प्रभावित हुए हैं। कंपनी का कहना है कि भारत सरकार के खातों को रोकने के आदेश को चुनौती देने वाली एक रिट अपील लंबित है। हमने अपनी नीतियों के अनुसार प्रभावित यूजर्स को इन कार्रवाइयों की जानकारी भी दी है।
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X के लिए प्रमुख बाजार है भारत
बता दें कि X के लिए भारत एक प्रमुख बाजार है। यहां उसके तीन करोड़ यूजर्स हैं। केंद्र के साथ उसके रिश्तों में कड़वाहट 2021 में किसानों के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुई। केंद्र ने X से करीब 1200 अकाउंट्स को हटाने के लिए कहा था, जिनसे खालिस्तान के पक्ष में पोस्ट किए जा रहे थे। इससे पहले, सरकार ने X से 250 अकाउंट्स को हटाने के लिए कहा था, जिसमें किसानों के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार भी शामिल थे।
केंद्र की सख्ती पर नरम हुआ X
X ने उस समय कुछ अकाउंट्स को ब्लॉक किया था, लेकिन बाद में सभी को अनब्लॉक कर दिया। इससे आईटी मंत्रालय की टेंशन बढ़ गई। बाद में, उसने केंद्र से स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि वह पत्रकारों, नेताओं और एक्टिविस्ट के अकाउंट्स को बैन नहीं करेगा, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा। हालांकि, X का यह जवाब सरकार को पसंद नहीं आया। उसने कहा कि कंपनी कोर्ट की भूमिका नहीं निभा सकती। इस पर X ने नरमी बरतते हुए मौजूदा राज्यसभा सांसद और सपा नेता सुखराम सिंह यादव समेत कई लोगों के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था।