भारत निर्वाचन आयोग (ECI) जैसे ही लोकसभा या विधानसभा चुनावों की तारीखों की आधिकारिक घोषणा करता है, वैसे ही आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो जाती है. आचार संहिता में नियम होते हैं जिनका पालन चुनाव के समय करना आवश्यक होता है. इसमें जरूरी नियमों और दिशानिर्देशों का सेट होता है, जिन्हें राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और सरकार को चुनाव प्रक्रिया के दौरान पालन करना अनिवार्य होता है. इसे अंग्रेजी में MCC यानी मॉडल कोड ऑफ कनडक्ट कहते हैं. इसमे पार्टियों के पास अधिकार होता है कि यदि कोई विवाद होता है तो कैसे पर्यवेक्षक आयोग में शिकायत दर्ज करवा सकता है.
किन-किन चीजों पर पाबंदी लगती है?
- मतभेद बढ़ाने वाली कोई गतिविधि नहीं
- आचार संहिता लागू होने के बाद जाति, धर्म, भाषा या समुदायों के बीच मतभेद बढ़ाने वाली कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए. दूसरे दलों की आलोचना केवल नीतियों, कार्यक्रम, पिछले रिकॉर्ड पर होनी चाहिए. निजी जीवन, परिवार या बिना सबूत आरोप न लगाएं. धर्म या जाति के नाम पर वोट मांगना मना है. इसके अलावा धार्मिक स्थलों का प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते.
- सरकार और सत्तारूढ़ दल पर सख्त पाबंदी
- आचार संहिता लागू होने के बाद नई सरकारी योजनाओं, अनुदानों, परियोजनाओं की घोषणा नहीं हो सकती. शिलान्यास, लोकार्पण या कोई नया काम शुरू नहीं सकता, हालांकि पहले से चल रहे कार्य जारी रह सकते हैं. सरकारी गाड़ी, विमान, बंगला या मशीनरी का प्रचार में इस्तेमाल नहीं सकते. मंत्री आधिकारिक दौरे को प्रचार के साथ नहीं जोड़ सकते. सरकारी कोष से विज्ञापन या पार्टी की उपलब्धियां दिखाना मना है. इफ्तार पार्टी या ऐसे कार्यक्रम सरकारी पैसे से नहीं हो सकते.
- अधिकारी और प्रशासन
- आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव से जुड़े अधिकारियों का स्थानांतरण पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, इसके लिए चुनाव आयोग की अनुमति जरूरी है. मंत्री चुनाव अधिकारी को बिना वजह नहीं बुला सकते.
- रैलियां, सभाएं और जुलूस
- आचार संहिता लागू होने के बाद रैलियां, सभाएं और जुलूस के लिए पुलिस से पहले अनुमति लेनी जरूरी होती है. सुबह 6 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद सभाएं नहीं हो सकती. लाउडस्पीकर रात 10 से सुबह 6 बजे तक बंद रहने चाहिए. मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पूरी तरह बंद होना चाहिए.
- मतदान केंद्र और मतदान दिवस
- आचार संहिता लागू होने के बाद मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर प्रचार नहीं हो सकता. 200 मीटर के अंदर अस्थायी पार्टी ऑफिस या ज्यादा बैनर नहीं लगा सकते. मतदान दिवस पर हथियार लेकर जाना मना होता है. इसके अलावा वाहन परमिट रिटर्निंग अधिकारी से लेना जरूरी.
- चुनाव घोषणा-पत्र
- वादे यथार्थपूर्ण होने चाहिए, लेकिन आचार संहिता में कुछ सीमाएं हैं.
7. अन्य पाबंदियां
---विज्ञापन---
- सोशल मीडिया पर गलत जानकारी, डीपफेक, फेक न्यूज या निजी हमले नहीं किए जा सकते. बच्चों का प्रचार में इस्तेमाल मना है. शराब ठेके आदि की नीलामी स्थगित होगी. एक्जिट पोल मतदान खत्म होने के पहले नहीं दिखा सकते.
उल्लंघन पर क्या होता है?
चुनाव आयोग जांच कर सकता है, चेतावनी दे सकता है, प्रचार रोक सकता है या कोर्ट में केस कर सकता है. यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन आयोग के पास सख्त कार्रवाई का अधिकार है. तारीखों का ऐलान होते ही ये सब नियम लागू हो जाएंगे. कोई भी दल या नेता इन्हें तोड़ेगा तो आयोग तुरंत एक्शन लेगा. ज्यादा डिटेल के लिए आधिकारिक वेबसाइट eci.gov.in पर MCC सेक्शन देखें.
---विज्ञापन---