Supreme Court On Rising Rape Cases In Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वो राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी डर के, देर रात भी आजादी से घूमने-फिरने की सुविधा मिलनी चाहिए.
अदालत ने लिया था स्वत: संज्ञान
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अधिकारियों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाएं सड़कों पर चलने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मेट्रो का इस्तेमाल करते वक्त सेफ महसूस करें. ये बातें दिल्ली-एनसीआर में रेप और यौन उत्पीड़न की कई घटनाओं के बाद कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई सुनवाई के दौरान कही गईं. सरकार और दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से 4 हफ्ते में विस्तार से जवाब और स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.
सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक सेफ्टी पर उठाए सवाल
देश की सबसे बड़ी अदालत ने 28 सितंबर को कई परेशान करने वाली घटनाओं के बाद इस मामले का संज्ञान लिया था. इनमें कालकाजी के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना भी शामिल थी. दूसरे मामलों में स्वरूप नगर में एक नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में 16 साल की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न की घटना शामिल थी.
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सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी चेतावनी दी थी कि पार्क, सड़कें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऐसी जगहें नहीं बन सकते जहां महिलाओं को ज्यादा खतरा हो. कोर्ट ने ये भी सवाल किया कि क्या 2012 के निर्भया मामले से पर्याप्त सबक लिया गया है. बेंच ने महिलाओं की सुरक्षा को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिली सुरक्षा गारंटी से जोड़ा, जो जीवन और सम्मान के अधिकार की रक्षा करती है. अदालत ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का ध्यान अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध रोकने पर होना चाहिए.
पार्क की सेफ्टी को लेकर चिंता
आस्था कुंज मामले के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा इंतजामों की डिटेल्ड रिव्यू भी किया गया है. DDA के ऑडिट में पाया गया कि CCTV कवरेज सीमित है; इसके 736 पार्कों में से सिर्फ 16 में ही कैमरे लगे हैं. जांच में 190 पार्कों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया. ये भी पाया गया कि 520 पार्कों में बेहतर लाइटिंग की जरूरत है, जबकि 323 पार्कों में एडिशनल CCTV मॉनिटरिंग की जरूरत है. अधिकारियों ने आस्था कुंज के अंदर CCTV लगाने के लिए 30 से ज्यादा जगहों की पहचान की है. ऑडिट में बाउंड्री वॉल, गेट, टॉयलेट और सुनसान जगहों से जुड़ी चिंताओं को भी सामने लाया गया.
सेफ पब्लिक स्पेस पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा देने में ‘सिस्टम की नाकामी’ पर चिंता जताई है. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आजादी पर पाबंदियां नहीं लगनी चाहिए. इसके बजाय उन्होंने बेहतर लाइटिंग, ज्यादा सीसीटीवी कवरेज, मजबूत सुरक्षा इंतजाम और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों की तेजी से जांच की वकालत की है.
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