El Nino May Bring Milder Winter To India: इस साल भारत में सर्दियां कुछ कम रह सकती हैं, क्योंकि प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ की स्थिति मजबूत हो रही है. इसके चलते नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच टेम्परेचर नॉर्मल या एवरेज से ज्यादा रहने की उम्मीद है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ और हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी के आधार पर, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी शीतलहर चल सकती है.
दिसंबर में पीक पर हो सकता है ‘अल नीनो’
वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन के ताजा आकलन के मुताबिक, ‘अल नीनो’ के मजबूत होने से सर्दियों के दौरान दक्षिण एशिया के बड़े हिस्सों में तापमान के पैटर्न पर असर पड़ सकता है. कई जलवायु मॉडल बताते हैं कि ये स्थिति दिसंबर 2026 में अपने चरम पर पहुंच सकती है. ‘अल नीनो’ के दौरान प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ जाता है, जो एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशनको अफेक्ट कर सकता है. इससे दुनिया भर में मौसम के पैटर्न बदल सकते हैं, जिसका असर भारत में तापमान और बारिश पर भी पड़ सकता है. ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये स्थिति लगातार और मजबूत हो रही है और इसका असर फरवरी तक बना रह सकता है. इससे सामान्य से ज्यादा गर्म सर्दियां होने की संभावना बढ़ गई है, हालांकि स्थानीय मौसम की स्थितियां भी इसमें अहम भूमिका निभाएंगी.
उत्तर भारत में अभी भी शीतलहर की संभावना
कुल मिलाकर सर्दियां कम रहने की संभावना के बावजूद, लंबे समय तक कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद कम है. ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ के कारण हिमालय वाले राज्यों में बर्फबारी हो सकती है, जिसका असर उत्तरी मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और बिहार में कभी-कभार शीतलहर की स्थिति बन सकती है. इन इलाकों में ठंड कितनी ज्यादा होगी ये पश्चिमी विक्षोभ की फ्रीक्वेंली, पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं की चाल पर निर्भर करेगी.
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा
इस बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो प्रेशर एरिया बन गया है, जिससे अगले हफ्ते चक्रवाती तूफान आने की संभावना है. आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि ये सिस्टम 24 अक्टूबर तक ‘डिप्रेशन’ और 25 अक्टूबर तक ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है. 26 अक्टूबर की सुबह तक ये पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.