आज से ड्रीम 11, MPL, बिंजो जैसे दिग्गज एप पर संकट छा जाएगा। संसद से ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी मिलने के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपनी स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन गया है। अब ऑनलाइन मनी गेम्स पर सरकार शिकंजा कसना शुरू करेगी। नए कानून के तहत ड्रीम 11, MPL, बिंजों, रमी, एमपीएल लूडो, पोकर, तीन पत्ती आदि जितने भी ऐसे ऑनलाइन गेम्स हैं जिनमें रुपये लगाए जाते हो या जीते जातें हैं, सभी को बैन किया जाएगा। इस कानून का उल्लघंन करने पर 3 साल की जेल या 1 करोड़ रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 को लाने का उद्देश्य मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना तो है ही। साथ ही ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना भी है। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग और रियल मनी गेमिंग के अलावा जितने भी ई-स्पोर्ट्स हैं, उनपर कोई रोक नहीं लगेगी। नए कानून के तहत अब ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक खेल का दर्जा मिलेगा। खेल मंत्रालय इसके लिए नियम और गाइड लाइंस जारी करेगा। इसके अलावा ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग एकेडमी और रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगें। साथ ही इसे राष्ट्रीय खेल नीति में शामिल किया जाएगा। ताकि खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिले।
गैरजमानती होगा अपराध
कानून के बारे में सूत्रों ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को फंडिंग को रोकने के लिए यह कानून बनाया गया है। कानून का उल्लंघन करने पर यानी मनी गेम्स से संबंधित वित्तीय लेनदेन के लिए 3 साल की जेल या 1 करोड़ रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। मनी गेम्स का विज्ञापन करने पर 2 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बार-बार अपराध करने 3 से 5 साल की जेल और 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। प्रमुख धाराओं के तहत यह अपराध संवेदनशील और गैर-जमानती होंगे।
यह भी पढ़ें: क्या ऑनलाइन गेमिंग बिल के बाद भारत में गेम्स24×7 ऐप पर लगेगा बैन? करोड़पति बनने का सपना देख रहे यूजर्स को लगेगा झटका!
बिना वारंट हो सकेगी गिरफ्तारी
नया कानून में केंद्र सरकार अधिकारियों को अपराधों से जुड़ी डिजिटल या भौतिक संपत्ति की जांच, तलाशी और जब्ती करने के लिए अधिकृत कर सकती है। अधिकारियों को संदिग्ध अपराधों के कुछ मामलों में बिना वारंट के प्रवेश करने, तलाशी लेने और गिरफ्तार करने का अधिकार होगा।
21 को संसद में हुआ था पास
लोकसभा के बाद 21 अगस्त को बिल राज्यसभा से भी पास हो गया था। हालांकि तभी से बिल के कानून मान लिया गया था। बस संविधान के अनुसार बिल को राष्ट्रपति की आधिकारिक सहमति की जरूरत थी। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ऑनलाइन गेमिंग बिल कानून बन गया है। अब केंद्र सरकार इसके लिए गजट जारी करेगा।
यह भी पढ़ें: BGMI और Free Fire MAX को Online Gaming Bill से होगा फायदा या नुकसान? 5 चीजें जो बदलेंगी भारत में ईस्पोर्ट्स
संबंधित खबरें
सरकारी नौकरियों में 5 साल बढ़ी अपर एज लिमिट, तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला
5 mins agoISRO का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च, भारतीय सेना को क्या होगा फायदा?
1 hr agoदिल्ली में टूटा ठंड का रिकॉर्ड, 75 साल बाद 30 अक्टूबर का दिन रहा सबसे ठंडा
1 hr agoUGC NET फॉर्म भरने की आज आखिरी तारीख, क्या फिर बढ़ेगी लास्ट डेट?
1 hr agoकौन थे जोशीमठ हादसे में जान गंवाने वाले 6 लोग? बद्रीनाथ से लौटते समय क्रैश
1 hr ago66 मिनट में हेलीकॉप्टर क्रैश, हवा में पेश आईं मुश्किलें; कैसे हुआ हादसा?
8 hrs agoजनगणना में देनी होगी घर-गाड़ी-मुखिया की जानकारी, पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
10 hrs agoजनगणना 2027 को लेकर बड़ा अपडेट, सरकार ने जारी किया पूरा शेड्यूल
12 hrs agoसंसद में आर-पार! वोट चोरी पर राहुल गांधी और अखिलेश को अमित शाह की चुनौती
12 hrs agoमार्केट संघ ने राहुल-सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, रैली स्थगित करने की अपील
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines