ट्रंप के टैरिफ से IPhone होगा महंगा! जानें कितने बढ़ सकते हैं दाम?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की वजह से आईफोन की कीमतें बढ़ सकती हैं। ट्रंप ने चीन तथा अन्य देशों के एक्सपोर्ट पर टैरिफ लगा दिया है, लेकिन इस बार एप्पल कंपनी को भी इससे छूट नहीं मिल पाई है। इसलिए कंपनी के फोन भविष्य में महंगे हो सकते हैं।

iphone 15 pro

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से टैरिफ चार्ट जारी किया है, दुनियाभर में महंगाई बढ़ने के आसार बन गए हैं। टैरिफ के कारण IPhone की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ट्रंप ने चीन तथा अन्य देशों के एक्सपोर्ट पर जो टैरिफ लगाया है, उसके कारण फ्यूचर मे एप्पल आईफोन का दाम 2000 डॉलर (1,71,243.40 रुपये) से ज्यादा होने की संभावना है।

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बता दें कि आजकल हर कोई आईफोन खरीदना चाहता है, लेकिन आईफोन खरीदने के लिए अब मोटा पैसा जेब में चाहिए होता है। चीन इस टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है, इसलिए ज्यादातर आईफोन इसी देश में ही बनाए जाते हैं, लेकिन इस प्रोडक्ट को तैयार करने के लिए चीन अन्य देशों से कलपुर्जे मंगाता है, लेकिन टैरिफ के कारण यह महंगे हो सकते हैं।

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आईफोन की कॉस्ट कितनी बढ़ सकती है?

टैरिफ के कारण फ्यूचर में एप्पल आईफोन की कॉस्ट 2000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है। बता दें कि आईफोन 16 Pro के 256 जीबी वेरिएंट के लिए Apple आईफोन के पार्ट्स की टोटल कीमत 550 से 820 डॉलर तक जाने की संभावना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, TechInsights के एनालिस्ट वेन लैम ने बताया कि चीन को प्रोडक्ट बनाने पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, इसलिए दूसरे देशों को भी यह महंगे दामों पर मिलेगा, जिस वजह से यह लोगों तक भी महंगे दामों पर ही पहुंचेगा।

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IPhone बनाने में 43% ज्यादा कॉस्ट लगेगी

एनालिस्ट के द्वारा बताया गया है कि iPhone को बनाने में टोटल कॉस्ट 43 प्रतिशत तक बढ़ने की पूरी संभावना है। इसमें मैन्यफैक्चुरिंग, टेस्टिंग एवं ओवरहेड की कीमतें भी शामिल हैं। ऐसे में कस्टमर्स को बेसलाइन iPhone 16 मॉडल के लिए करीब 1500 डॉलर देना पड़ सकता है। वर्तमान में इसकी कॉस्ट 799 डॉलर है। टॉप मॉडल iPhone 16 Pro Max है, जो 1TB वैरिएंट है। इसकी कॉस्ट वर्तमान में 1599 से 2300 डॉलर तक हो सकती है।

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IPhone को बनाने में आने वाली प्रॉब्लम्स

बता दें कि टैरिफ की वजह से आईफोन की कॉस्ट को लेकर बवाल चल रहा है। इसलिए इसकी कीमत भी बढ़ाई जाने की पूरी संभावना है। iPhone 16 के नए एवं बेहतर फीचर्स, प्रोसेसर, बैटरी, कैमरा, Apple इंटेलिजेंस, अन्य फीचर्स की नई खूबियां कस्टमर्स को मोटी रकम खर्च करने के लिए मजबूर कर सकती हैं, लेकिन सभी को नहीं। जानकारी के लिए बता दें कि जब ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान चीन के खिलाफ टैरिफ की घोषणा की थी तो एप्पल को छूट मिल गई थी, लेकिन इस बार कंपनी को किसी भी प्रोडक्ट को बनाने में कोई डिस्काउंट नहीं दिया गया है।

Iphone के पार्ट्स कहां से आते हैं?

एनालिस्ट के मुताबिक, iPhone के पार्ट्स में सबसे ज्यादा खर्चा रियर कैमरा खरीदने में आता है, जिसकी कॉस्ट करीब 127 डॉलर है। रियर कैमरा जापान में बनाया जाता है। प्रोसेसर और डिस्प्ले की कॉस्ट लगभग 90 से 38 डॉलर तक है। इनमें से कोई भी पार्ट्स अमेरिका में नहीं बनाया जाता है। आईफोन में जो प्रोसेसर होता है, वह ताइवान से आता है, जबकि डिस्प्ले साउथ कोरिया से आता है। Apple में उपयोग होने वाली मेमोरी चिप अमेरिका के द्वारा बनाई जाती है, जिसकी कॉस्ट लगभग 22 डॉलर है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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