अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील साइन करने से पहले बड़ा फैसला किया है। उन्होंने 4 भारतीय कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया है। अमेरिका के वित्त विभाग ने जानकारी दी और एक आदेश जारी करके भारतीय कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की। अमेरिकी वित्त विभाग ने बताया कि रूस से आर्थिक संबंध होने और रूस को टेक्नोलॉजी एवं इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध कराने के कारण इन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन अब प्रतिबंध हटाए जाते हैं।
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इन कंपनियों से हटाया गया प्रतिबंध
अमेरिकी वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, भारत की हैदराबाद स्थित RRG इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (RRG Engineering Technologies) और लोकेश मशीन्स लिमिटेड पर से प्रतिबंध हटाए गए हैं। अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स और नई दिल्ली स्थित शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को भी बैन लिस्ट से हटा दिया गया है। इनके अलावा शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को भी बैन मुक्त कर दिया गया है। अब यह कंपनियां बिना किसी प्रतिबंध के अपना काम कर सकती हैं।
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2024 में क्यों लगाया गया था बैन?
बता दें कि अहमदाबाद की कंपनी गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड पर अक्टूबर 2024 में प्रतिबंध लगाया गया था। रूस को रोलर बियरिंग और रोलर असेंबली समेत कई हाई क्वालिटी वाली वस्तुओं का निर्यात करने का आरोप लगाते हुए कंपनी को अमेरिका ने प्रतिबंधित कर दिया था। शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड पर रूस को रडार इंस्ट्रूमेंट्स, रेडियो नेविगेशनल एंड इंस्ट्रूमेंटस, रेडियो रिमोट कंट्रोल इंस्ट्रूमेंट्स और दूसरे इलेक्ट्रिक इंस्टूमेंट्स रूस को भेजने के आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाए थे।
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हैदराबाद की कंपनी RRG इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड रूस स्थित कंपनी आर्टेक्स लिमिटेड पर अमेरिका ने रूस को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की 100 से ज्यादा खेप भेजने का आरोप लगाकर प्रतिबंधित किया था। लोकेश मशीन्स पर रूस की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मशीन टूल्स सप्लाई करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन अब इन सभी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटाकर अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बैन शर्त पर हटाया या बिना शर्त के।
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500 मिलियन डॉलर की डील होगी
बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच करीब 500 मिलियन डॉलर की ट्रेड डील साइन होगी। ट्रेड डील के बदले अमेरिका ने भारत पर लगा टैरिफ घटाया है। इस डील पर अगले साल हस्ताक्षर हो सकते हैं, क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अगले साल भारत दौरे पर आ सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर वार्ता चल रही है।