देश की मशहूर हिंदी मैगजीन ‘तहलका’ के एडिटर रहे तरुण तेजपाल की पीड़िता ने पहली बार आपबीती सुनाई. जिसमें उसने अपने बचपन से लेकर अब तक किए गए संघर्ष के बारे में बताया. हिंसा, शोषण और उत्पीड़न के बारे में बताया. पीड़िता ने बताया कि उसने बचपन से लेकर अब तक की जिंदगी हिंसा, शोषण और उत्पीड़न के साथ बिताई है. उसने बचपन में घरेलू हिंसा झेली तो जवानी में दुष्कर्म का दंश झेला. अब 13 साल से कानूनी लड़ाई लड़ रही है और कोर्ट-थानों के चक्कर काट-काटकर धक्के खा रही है, लेकिन आज तक न इंसाफ मिला, न डर से राहत मिली और न ही सुकून की नींद मिली.

तरुण तेजपाल सरेंडर करेगा? 15 दिन में नहीं दी गिरफ्तारी तो क्या कहता है कानून, रेप केस में हुई है 10 साल की सजा

---विज्ञापन---

हिंसा-संघर्ष ने डर के साये में जीना सिखा दिया

पीड़िता ने बचपन को याद करते हुए बताया कि उसने अपने घर में हिंसा देखी और झेली. पुरुषों के गुस्से और उनके द्वारा की जाने वाली हिंसा से वह अपने घर में ही वाकिफ हो गई थी. आए दिन घर में पिता गाली-गलौज और हिंसा करते थे. बचपन में उनका यौन शोषण भी हुआ. 27 साल की हुई तो छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटना देखी. लेकिन इन अनुभवरों ने उसे डर के साये में जीना सिखा दिया. पुरुषों के गुस्से को भांप लेना, उन्हें शांत रखने की कोशिश करना और अपनी भावनाओं को दबाना बचपन में ही सीख लिया था. वे डरी हुई जिंदगी जी रही थी. खुद को सीमित रखती थी और टकराव से बचती रहती थी.

तरुण तेजपाल को कोर्ट ने जेल की सजा सुनाई

बता दें कि पीड़िता ने साल 2013 में तरुण तेजपाल पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे. नवंबर 2013 में केस दर्ज हुआ था, जिसकी जांच गोवा पुलिस कर रही थी. 30 नवंबर 2013 को पुलिस ने तरुण को अरेस्ट किया, लेकिन 7 महीने बाद ही रिहा भी कर दिया. वहीं गहन जांच के बाद पुलिस ने 3000 पेजों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की, लेकिन सेशन कोर्ट ने तरुण बरी कर दिया. सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ गोवा पुलिस हाई कोर्ट पहुंची, जहां सबूतों और गवाहों के आधार पर तरुण तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई, वहीं जुर्माना भी लगाया है, जिसकी रकम पीड़िता को उसके गुजर बसर के लिए मिलेगी.

---विज्ञापन---

‘बच्ची के पास सबूत नहीं, ये साबित करने की कोशिश की गई…’ सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस में गुरुग्राम पुलिस को लगाई फटकार

अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा हुई

बता दें कि तरुण तेजपाल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 376(2)(F) के तहत 10 साल की सजा हुई और 5 लाख जुर्माना लगा. धारा 376(2)(k) के तहत 10 साल की सजा हुई है और 5 लाख जुर्माना लगा. धारा 354 के तहत एक साल की जेल हुई और 10000 रुपये जुर्माना लगा. धारा 354A के तहत एक साल की जेल हुई और जुर्माना लगा. धारा 354B के तहत 3 साल की जेल की सजा हुई है. अगर तरुण तेजपाल जुर्माना नहीं भरता है तो उसे अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी.

---विज्ञापन---