पाकिस्तान आज अपनी आजादी का जश्न मना रहा है, लेकिन लगता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जश्न मनाना भूल गए है. शायद पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर में लगी चोटों को भी भूल गया है, इसलिए भारत को गीदड़भभकियां दी जा रही हैं. शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर जंग छेड़ने की धमकी दी है. भारत को लेकर आक्रामक बयान दिए हैं. शहबाज शरीफ ने सिंधु नदी के पानी की एक-एक बूंद को भारत के लिए रेड लाइन बताया है और इसका पानी रोकने पर जंग छिड़ने की धमकी दी है. मई 2025 में 10 दिन के युद्ध का जिक्र करते हुए मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी भी दी है.

पाकिस्तान को भारत का बड़ा झटका, सिंधु जल संधि पर ‘दुश्मन’ देश को दोटूक चेतावनी, कहा- 2 शर्तें पूरी करो, दे देंगे पानी

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सिंधु के पानी पर जंग छिड़ने की धमकी दी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत को तल्ख तेवर दिखाए हैं. बीते दिन इस्लामाबाद में 'यादगार-ए-फतह' कार्यक्रम के दौरान शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि पर बात की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए सिंधु नदी की एक-एक बूंद रेड लाइन है. सिंधु नदी के पानी के लेकर अगर भारत अपने रुख से पीछे नहीं हटता तो पाकिस्तान सीधा और कड़ा जवाब देगा. भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को सस्पेंड किया, जिसके तहत पाकिस्तान का पानी रोक दिया गया, इससे पाकिस्तान को लोगों और किसानों का भारी नुकसान हुआ.

मई 2025 से ज्यादा कड़े जवाब की धमकी

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने देशवासियों की शांति, सम्मान और गरिमा के साथ खड़ा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह कमजोर है. अगर भविष्य में भारत ने भी पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी तो उसे मई 2025 से भी ज्यादा बड़ा और ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा. अप्रैल 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी और भारी नुकसान पहुंचाया था, लेकिन पाकिस्तान ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया था. हालांकि दोनों देशों ने सीजफायर कर लिया था, लेकिन पाकिस्तान के हमले से भारत को नुकसान पहुंचा था.

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सीजफायर का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को दिया

बता दें कि शहबाज शरीफ ने भारत के साथ सीजफायर का क्रेडिट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया है. उनका दावा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान में समय पर सीजफायर कराकर प्रभावी और ऐतिहासिक भूमिका निभाई, लाखों लोगों की जान बचाई. भारत बेशक सीजफायर में अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं करता, लेकिन सच तो यही है, भारत माने या माने. चीन हमेशा से पाकिस्तान का दोस्त रहा है और रहेगा. पाकिस्तान और चीन की दोस्ती हिमालय की चोटियों से भी ऊंची है. सऊदी अरब और तुर्किये के साथ रक्षा समझौता मुस्लिम दुनिया और अरब देशों में शांति का संदेश है.

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