धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के 10 बड़े विवाद: शपथ ग्रहण से लेकर NEET पेपर लीक तक, जानें किन मुद्दों ने बढ़ाई उनकी मुश्किलें?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में NEET पेपर लीक, NTA विवाद, UGC-NET परीक्षा रद्द और शिक्षा नीति से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे. आइए इस स्टोरी में जानें उनके कार्यकाल के 10 बड़े विवादों के बारे में.

Dharmendra Pradhan

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के 10 बड़े विवाद

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यानी 25 जुलाई 2026 को अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. इतना ही नहीं, सरकार ने CJP के तमाम मांगों को पूरा करने पर भी सहमत हो गई है. सोशल मीडिया पर एक व्यंग से शुरू हई पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी इतना बड़ा रूप ले लेगी, शायद यह किसी ने सोचा नहीं था. बता दें कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे राष्ट्रीय मुद्दा बन गया. छात्रों और संगठनों की ओर से लगातार जवाबदेही की मांग उठाई जा रही थी, जिसका नतीजा यह हुआ कि सरकार को उनकी सभी मांगों को मानना पड़ा. लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के कार्याकाल में विवाद पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि पहले भी कई विवादों ने उनकी परेशानी बढ़ाई है.

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धर्मेंद्र प्रधान कब बने केंद्रीय शिक्षा मंत्री?

धर्मेंद्र प्रधान 8 जुलाई 2021 को भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में हुए कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, उनका पहली बार मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी, बल्कि इससे पहले प्रधान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, इस्पात मंत्री, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री रह चुके हैं.

शिक्षा मंत्री के कार्याकाल में हुए 10 बड़े विवाद

शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल शपथ ग्रहण से लेकर कई परीक्षा विवादों और राज्यों के साथ टकराव तक लगातार चर्चा में रहा. आइए जानते हैं उनके कार्यकाल के 10 बड़े विवाद के बारे में, जिसने उन्हें हमेशा चर्चा में बनाए रखा.

NEET-UG पेपर लीक विवाद: NEET-UG 2024 में पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए, जिसका नतीजा यह हुआ कि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और CBI जांच के बाद NTA पर सवाल उठने लगे. 2026 में यह संकट फिर सामने आया और परीक्षा रद्द कर दी गई.

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शपथ ग्रहण के दौरान विरोध: जून 2024 में धर्मेंद्र प्रधान के शपथ ग्रहण के दौरान विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में हो रही घड़बड़ी को लेकर नारेबाजी कर विरोध जताया था.

UGC-NET परीक्षा रद्द: UGC-NET परीक्षा 2024 को पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द करना पड़ा. टेलीग्राम और डार्क वेब के जरिए लीक की जानकारी सामने आई थी. इस लीक की खबर फैलते ही धर्मेंद्र प्रधान भी चर्चा में आ गए थे.

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NTA के काम पर सवाल: धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में NTA की कार्यप्रणाली लगातार विवादों में रही. जिसमें तकनीकी गड़बड़ियां, मूल्यांकन संबंधी शिकायतें, डेटा सुरक्षा और आउटसोर्सिंग जैसी समस्याओं ने एजेंसी और सरकार दोनों पर सवाल खड़े कर दिए.

CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद: CBSE की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन व्यवस्था में तकनीकी दिक्कतों और स्कैनिंग समस्याओं की शिकायतें सामने आने लगी. इस समस्या के कारण छात्रों और शिक्षकों ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.

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पीएम श्री स्कूल योजना पर राज्यों का विरोध: PM श्री स्कूल योजना को लेकर कुछ राज्यों ने विरोध किया. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए राज्यों पर दबाव बना रही है. बाद में कुछ राज्यों ने समझौता किया, लेकिन तमिलनाडु और केरल लंबे समय तक अपने रुख पर कायम रहे.

तीन-भाषा नीति को लेकर विवाद: नई शिक्षा नीति की तीन-भाषा व्यवस्था पर तमिलनाडु समेत कुछ राज्यों ने आपत्ति जताई. राज्यों का आरोप था कि केंद्रीय सरकार द्वारा यह नीति हिंदी को अनिवार्य करना चाहती है. धर्मेंद्र प्रधान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह नीति भाषाई विविधता और मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए है.

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NCERT किताबों में बदलाव विवाद: NCERT की किताबों से मुगल इतिहास, गुजरात दंगे और अन्य विषयों के कुछ हिस्से हटाने पर विवाद छिड़ गया. हालांकि, सरकार ने इसे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने की कवायद बताया, जबकि विपक्ष और कई शिक्षाविदों ने इसे इतिहास के राजनीतिक लेखन का प्रयास बताया.

कुलपतियों की नियुक्ति के नए नियम: UGC के नए नियमों में कुलपति नियुक्ति के लिए बदलाव प्रस्तावित किए गए. कई राज्यों और शिक्षाविदों ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताते हुए विरोध किया.

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उच्च शिक्षा में समानता संबंधी नियम: UGC के नए समानता नियमों का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकना था, लेकिन इनके दुरुपयोग की आशंका को लेकर बहुत विवाद हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. जिसपर कोर्ट ने जनवरी 2026 में इन नियमों के अमल पर रोक लगा दी और पुराने नियम लागू रखने के निर्देश दिए.

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Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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