Fact Check: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वायरल हुआ पत्र फर्जी, लेटरहेड पर दर्ज है पिछले साल की तारीख
Fact Check केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनके नाम से सोशल मीडिया पर एक कथित इस्तीफा पत्र तेजी से वायरल हो रहा है. पड़ताल में सामने आया कि वायरल हो रहा यह लेटर पूरी तरह से एडिटेड और फर्जी है. इस फर्जी लेटर में पिछले साल यानी 2025 की तारीख दर्ज है, जिसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Jul 25, 2026 23:36
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Fact Check : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पत्र की फर्जी तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही है. 2025 में जिस फर्जी लेटर के जरिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अफवाह फैलाई गई थी, वह महज एक भ्रामक दावा था. लेकिन जुलाई 2026 में परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने की चौतरफा मांग के बीच धर्मेंद्र प्रधान का आधिकारिक इस्तीफा अब एक आधिकारिक तथ्य बन चुका है. शनिवार, 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
25 जुलाई 2026: असली इस्तीफा और बड़ी वजहें
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी था. इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों का भविष्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि देश की छात्र शक्ति किसी भ्रम के जाल में फंसे या इस स्थिति का असामाजिक/देशविरोधी तत्व फायदा उठाएं. इसी नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकारते हुए उन्होंने पद से हटने का फैसला किया. राष्ट्रपति भवन की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि कर दी है.
21 जुलाई 2025: फर्जी पत्र और वायरल दावे की पड़ताल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह फर्जीवाड़ा जल्दबाजी में तैयार किया गया है. पत्र के ऊपर 21 जुलाई 2025 की तारीख अंकित है. प्रेस सूचना कार्यालय (PIB) और आधिकारिक स्रोतों से की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि धर्मेंद्र प्रधान के नाम से घूम रहा यह विशेष लेटरहेड और दस्तावेज पूरी तरह से एडिटेड है. शरारती तत्वों द्वारा पुराना या फर्जी फॉर्मेट तैयार करके सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है.
Fact Check : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पत्र की फर्जी तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही है. 2025 में जिस फर्जी लेटर के जरिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अफवाह फैलाई गई थी, वह महज एक भ्रामक दावा था. लेकिन जुलाई 2026 में परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने की चौतरफा मांग के बीच धर्मेंद्र प्रधान का आधिकारिक इस्तीफा अब एक आधिकारिक तथ्य बन चुका है. शनिवार, 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
25 जुलाई 2026: असली इस्तीफा और बड़ी वजहें
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी था. इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों का भविष्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि देश की छात्र शक्ति किसी भ्रम के जाल में फंसे या इस स्थिति का असामाजिक/देशविरोधी तत्व फायदा उठाएं. इसी नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकारते हुए उन्होंने पद से हटने का फैसला किया. राष्ट्रपति भवन की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि कर दी है.
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21 जुलाई 2025: फर्जी पत्र और वायरल दावे की पड़ताल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह फर्जीवाड़ा जल्दबाजी में तैयार किया गया है. पत्र के ऊपर 21 जुलाई 2025 की तारीख अंकित है. प्रेस सूचना कार्यालय (PIB) और आधिकारिक स्रोतों से की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि धर्मेंद्र प्रधान के नाम से घूम रहा यह विशेष लेटरहेड और दस्तावेज पूरी तरह से एडिटेड है. शरारती तत्वों द्वारा पुराना या फर्जी फॉर्मेट तैयार करके सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है.