'सबूतों के आधार पर संजय राउत के खिलाफ ED ने की कार्रवाई', बोले फडणवीस
Edited By Naresh Chaudhary
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने संजय राउत (Sanjay Raut) की गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। फडणवीस ने कहा है कि सबूतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिवसेना सांसद संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई की है। फडणवीस सोमवार को दक्षिण मुंबई के मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पहुंचे थे।
फडणवीस ने कहा कि ED राष्ट्रीय जांच एजेंसी है। उसने दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर राउत के खिलाफ कार्रवाई की होगी। फडणवीस ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उनकी गिरफ्तारी और अन्य संबंधित मुद्दों पर अदालत में चर्चा की जाएगी।
बता दें कि संजय राउत को मुंबई की पात्रा चॉल के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के बाद रविवार आधी रात को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने राउत के आवास की तलाशी ली, जिसमें 11.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
उधर, संजय राउत ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। बता दें कि संजय राउत को कोर्ट ने चार दिन की ईडी को रिमांड पर सौंप दिया है। ईडी उनसे पात्रा चॉल मामले के बारे में पूछताछ करेगी।
संजय राउत की गिरफ्तारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ‘मैं संजय राउत के साथ हूं, मुझे संजय राउत पर गर्व है ‘उन्होंने कहा फिल्म ‘पुष्पा’ में एक डायलॉग है- ‘झुकेगा नहीं’। लेकिन असली शिवसैनिक वही है जो झुकेगा नहीं और वे हैं संजय राउत। वह बोले जो कहते थे वो झुकेंगे नहीं आज वो सब एक तरफ हैं। जबकि यह बालासाहेब ने हमें नहीं सिखाया। राउत ही सच्चे शिवसैनिक। जो झुके नहीं।
आगे उन्होंने कहा कि संजय राउत की गिरफ्तारी गलत है। वह बोले की वक्त हमेशा बदलता रहता है। झुकने वाला कभी शिवसैनिक नहीं हो सकता। बता दें कि पीएमएलए कोर्ट में संजय राउत की जल्द पेशी है। जहां ईडी शिवसेना सांसद की रिमांग की मांग करेगी। इससे पहले ईडी दफ्तार व कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में संजय राउत के समर्थन एकत्रित थे। पुलिस ने दोनों जगह बैरिकेडिंग कर दी।
पात्रा चॉल घोटाला मुंबई के उपनगरीय इलाके गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर का है। यह इलाका पात्रा चॉल के नाम से लोकप्रिय है। यह 47 एकड़ में फैला है, जिसमें कुल 672 घर हैं। इसी पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना में धांधली के मामले की जांच अब ईडी के हाथों में है। पुनर्वास का ठेका गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (GACPL) को दे दिया था। लेकिन, 14 साल बाद भी लोगों को घर नहीं मिला है।
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