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2 साल में 3656 वर्ग KM जंगल खत्म! क्या भारत की हरियाली खो रही? रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

Indian Forests Annual Report: देश के जंगलों पर हर 2 साल में जारी की जाने वाली रिपोर्ट आ गई है। पर्यावरण मंत्री ने यह रिपोर्ट जारी की, लेकिन इसमें हुए खुलासे भारत के लिए खतरे की चेतावनी दे रहे हैं कि देश में हरियाली लगातार कम हो रही है।

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Representative Image (Pixabay)

Dense Forest fo India Extincting: भारत अपने घने जंगल खो रहा है, लेकिन पेड़ों की संख्या बढ़ रही है। 1 हेक्टेयर से छोटे एरिया में खड़े पेड़ों को जंगल नहीं माना जाता तो उन्हें सिर्फ पेड़ों के रूप में अलग से गिना जाता है। 112014 वर्ग किलोमीटर एरिया में भारत में पेड़ लगे हैं। वहीं पिछले 2 सालों में 3656 वर्ग किलोमीटर घने जंगलों का नुकसान हुआ है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा शनिवार को देहरादून में द्विवार्षिक भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) जारी की गई। इसमें बताया गया है कि साल 2021 से भारत के वन क्षेत्र में 156 वर्ग किलोमीटर और पेड़ों की संख्या में 1289 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। इस दौरान 3656 वर्ग किलोमीटर घने जंगलों का नुकसान भी हुआ। रिपोर्ट जारी करते हुए मंत्री यादव ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि साल 2021 की तुलना में देश के कुल वन क्षेत्र और पेड़ों की संख्या में 1445 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।

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किस राज्य में कितना फायदा और कितना नुकसान?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में बताा गया है कि वन क्षेत्र एवं पेड़ों की संख्या में 4 राज्यों छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किलोमीटर), उत्तर प्रदेश (559 वर्ग किलोमीटर), ओडिशा (559 वर्ग किलोमीटर) और राजस्थान (394 वर्ग किलोमीटर) में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। साल 2021 से 2023 के बीच वन क्षेत्र और पेड़ों की संख्या में 4 राज्यों मध्य प्रदेश (612.41 वर्ग किलोमीटर), कर्नाटक (459.36 वर्ग किलोमीटर), लद्दाख (159.26 वर्ग किलोमीटर) और नागालैंड (125.22 वर्ग किलोमीटर) में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। अकेले वन क्षेत्र में वृद्धि की बात करें तो मिजोरम (242 वर्ग किलोमीटर), गुजरात (180 वर्ग किलोमीटर) और ओडिशा (152 वर्ग किलोमीटर) में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई। 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेड़ों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसमें छत्तीसगढ़ (702.75 वर्ग किलोमीटर), राजस्थान (478.26 वर्ग किलोमीटर) और उत्तर प्रदेश (440.76 वर्ग किलोमीटर) अव्वल हैं।

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मैंग्रोव वनों का नुकसान भी उठाना पड़ा

ISFR के अनुसार, भारत में 2021-2023 के दौरान कुल मिलाकर 3656 वर्ग किलोमीटर घने जंगलों का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की कुछ भरपाई 895 वर्ग किलोमीटर गैर-वनों को घने जंगलों में बदलने से हुई। वहीं 2021 से अब तक देश के मैंग्रोव जंगलों का एरिया 7.43 वर्ग किलोमीटर कम हो गया है, जिसमें गुजरात में सबसे ज़्यादा 36.39 वर्ग किलोमीटर की कमी दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश (13.01 वर्ग किलोमीटर) और महाराष्ट्र (12.39 वर्ग किलोमीटर) में मैंग्रोव वनों के एरिया में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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