दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग ढहने के बाद सामने आए वीडियो को देखकर दुनिया हिल गई. वीडियो मलबे के नीचे दबे छात्र का था, जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था, लेकिन उसने जिंदा रहने की आस नहीं छोड़ी थी. उसने करीब 11 सेकंड की SOS वीडियो कॉल रिकॉर्ड करके भेजी और जिंदा बाहर निकालने की गुहार लगाई. उसे देखकर बाहर मदद करने के लिए खड़े लोगों को उम्मीद बंधी कि अंदर फंसे बच्चे जिंदा है, लेकिन जबतक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक 6 लोग दम तोड़ चुके थे. राहत की बात यह है कि अंदर फंसे ज्यादातर बच्चों को सुरक्षित निकाला गया.
वीडियो भेजकर छात्र ने मदद मांगी
कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने ऑफिशियल X हैंडल पर वीडियो को शेयर किया, जिसमें छात्र मलबे के नीचे लेटा दिखाई दे रहा है और वह अपने फोन के कैमरे को धीरे-धीरे घुमाकर उस तंग जगह को दिखा रहा है, जिसमें वह फंसा हुआ है. वह मदद मांगने की कोशिश करता दिख रहा है और कहा रहा है कि प्लीज सेव मी अलाइव. उसके चेहरे पर धूल-मिट्टी है और खूब के धब्बे भी दिख रहे हैं. उसके चारों तरफ कंक्रीट के टुकड़े और टूटा-फूटा मलबा है. वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिल्डिंग ढहने के बाद मलबे के नीचे के हालात कितने भयावह होंगे?
---विज्ञापन---
छात्र की हिम्मत को किया गया सलाम
बिल्डिंग ढहने के बाद मलबे के नीचे हालात ऐसे हैं कि इंसान सोचकर की घबरा जाए और हिम्मत हार जाए. लेकिन इस छात्र ने हिम्मत करके किसी तरह अपना मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया. हालांकि वह ज्यादा कुछ बोल नहीं पाया, लेकिन मदद मांगने की कोशिश पूरी हो गई. मुश्किल हालात से बिना डरे और बिना घबराए मोबाइल से वीडियो बनाकर मदद मांगना काफी हिम्मत वाला काम है और उसके इसी जज्बे को सोशल मीडिया यूजर्स सैल्यूट कर रहे हैं. उसे देखकर मलबे में फंसे और छात्रों ने फोन के जरिए बाहर अपनों से संपर्क किया. इसी हिम्मत ने बाहर खड़े लोगों को रेस्क्यू करने की हिम्मत दी.
मलबे में दब गए थे 40 से 50 स्टूडेंट
बता दें कि बीते दिन रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरी, जिसके अंदर 40 से 50 स्टूडेंट थे. हॉस्टल डेज नामक 50 साल पुरानी बिल्डिंग में लड़कों का पेइंग गेस्ट हाउस था. इस बिल्डिंग के बेसमेंट में रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिस दौरान अचानक बिल्डिंग ढह गई. पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और जन सुरक्षा को खतरे में डालने सहित कई आरोपों में FIR दर्ज की है. आरोप हैं कि इस बिल्डिंग को 3 मंजिला बनाने की अनुमति थी, लेकिन अवैध तरीके से पैसा कमाने के चक्कर में इसे 5 मंजिला बना दिया गया.
---विज्ञापन---
3 कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट रहते थे
दिल्ली पुलिस के कर्मचारी राजेन छेत्री ने पुलिस को बताया कि बिल्डिंग में 15 कमरे थे और हर कमरे में 2 से 3 छात्र रहते थे. ज्यादातर छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं, जो मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते हैं. हालांकि हादसे के बाद MCD ने 4 मंजिलों से ज्यादा ऊंची अवैध इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है. एहतियात के तौर पर हादसाग्रस्त बिल्डिंग के पास वाली बिल्डिंग भी खाली कराकर सील कर दी गई है, लेकिन पूरी दिल्ली में न जाने कितनी बिल्डिंग ऐसी हैं, जो बिना परमिशन के चल रही हैं तो नगर निगम किस-किस पर कार्रवाई करने बैठेगा?
---विज्ञापन---