Delhi Ncr Weather Today : दिल्ली-NCR में सोमवार की सुबह किसी सुहाने सपने जैसी रही. मई की झुलसाने वाली गर्मी के बीच अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली कि लोगों को मानसून का अहसास होने लगा. रविवार आधी रात से शुरू हुई हल्की बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक ने मंडे मॉर्निंग को पूरी तरह 'चिल्ड' बना दिया है. हालांकि बारिश की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन तेज हवाओं ने पारे को नीचे गिराकर दिल्लीवासियों को बड़ी राहत दी है.

मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली-NCR में 'अलर्ट' जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. साथ ही ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी प्रबल आशंका है. प्रशासन ने लोगों को सख्त सलाह दी है कि वे घरों के भीतर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है.

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क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?

IMD के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम भारत में एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है. यह मौसमी सिस्टम पश्चिम से आकर उत्तर भारत में बारिश और आंधी लाता है. इसी के प्रभाव से 3 मई की रात से ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई. नोएडा और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश दर्ज की गई है.

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तापमान में भारी गिरावट, गर्मी से मिली छुट्टी

रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री कम था. आज सोमवार को न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक तापमान 32 से 34 डिग्री के आसपास बना रहेगा, जिससे भीषण गर्मी से राहत जारी रहेगी. हालांकि, बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से हल्की उमस का सामना भी करना पड़ सकता है.

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अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान और सावधानी

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को भी रुक-रुक कर बारिश और 50-60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. खराब मौसम के दौरान पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे खड़े न हों. जलभराव की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है, इसलिए जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है.

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