रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप' नामक महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किया। यह विजन भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के साथ जुड़ा हुआ है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत, एकीकृत और आत्मनिर्भर बनाने की स्पष्ट रणनीति है। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और थल सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सरल शब्दों में समझें- रक्षा बल विजन 2047 की मुख्य बातें

स्मार्ट, ग्रीन और डिजिटल रक्षा संपदा: रक्षा संपदा विभाग ने 18 लाख एकड़ भूमि के प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए 'मंथन 2026' के तहत रणनीतिक योजना तैयार की है। इसका लक्ष्य पर्यावरण-अनुकूल और डिजिटल तरीके से संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।

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स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर: 2047 तक रक्षा बजट का 15% से अधिक हिस्सा स्वदेशी निर्माण में निवेश किया जाएगा। इससे भारत रक्षा उपकरणों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

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समुद्री सुरक्षा में नई तकनीक: तटरक्षक बल में AI, ड्रोन और साइबर सुरक्षा प्रणालियों का एकीकरण किया जाएगा। इससे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और मजबूत होगी, खासकर बदलते वैश्विक खतरों के दौर में।

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बाहरी और आंतरिक सुरक्षा में संतुलन: विकसित भारत के लक्ष्य के लिए बाहरी (बॉर्डर) और आंतरिक सुरक्षा में सही संतुलन जरूरी है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की प्रगति और विकास को इस रोडमैप में महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र बनाते हैं।

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मानवरहित और मानवयुक्त दोनों प्रणालियां: भविष्य में ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम (मानवरहित) के साथ-साथ मानवयुक्त लड़ाकू विमान भी महत्वपूर्ण रहेंगे। रक्षा अनुसंधान और विकास (R&D) को तेज करके 2047 तक इन सभी को तैयार किया जा रहा है।

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