संसद में वित्त मंत्री निर्मला बजट पेश किया है। इसमें हर सेक्टर के लिए पिटारा खोला गया है। इसमें किसानों के लिए भी कई योजनाओं का ऐलान किया गया। वित्त मंत्री सीतारमण ने संसद में कहा कि डेयरी और पोल्ट्री के लिए सेंटर बनाएंगे। साथ ही पशुधन उद्यमों का आधुनिकरण होगा।
किसानों के लिए ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पशुधन उद्यमों को आगे ले जाने का प्रयास होगा। तटवर्ती क्षेत्रों में काजू, नारियल, चंदन को मदद दी जाएगी। नारियल संवर्धन केंद्र खोले जाएंगे।
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बजट में मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास हेतु पहल की गई है। गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता विकास करने की योजना है। 1 करोड़ किसानों सहित 3 करोड़ लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने हेतु नारियल प्रोत्साहन योजना की बात कही गई।
इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में परिवर्तित करना है। भारतीय चंदन पारिस्थितिकी तंत्र की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ साझेदारी होगी।
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कोको बनेगा ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड?
संसद में भारत को कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन व प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम की घोषणा की। योजना का लक्ष्य 2030 तक भारतीय काजू और कोको को ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड में बदलना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने संसद में कहा कि चंदन भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। कहा कि सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगी ताकि भारतीय चंदन की प्रतिष्ठा फिर से कायम हो।