तूफान मोन्था से मची तबाही के बाद राहत कार्याें पर तेलंगाना में वारंगल जिले की कलेक्टर डॉ. सत्य शारदा ने अपडेट दिया है. वे कहती हैं कि पूरे वारंगल जिले में औसत बारिश लगभग 29 सेंटीमीटर रही. हमने स्थिति का अनुमान लगा लिया था और 2 दिन पहले ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे. सभी बाजारों और स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई थीं.
सभी मरीजों और प्रसव की तारीख नजदीक आने वाली गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी कल शाम तक आश्रय क्षेत्रों में पहुंचा दिया गया था. इस समय हमारी मुख्य चिंता जलभराव वाले इलाकों में किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समाधान करना और भोजन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
चक्रवाती तूफान मोन्था के असर से तेलंगाना में भारी बारिश हो रही हैं और रेलवे स्टेशन में भी पानी भर गया है. लोग तटीय इलाके छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं.
तूफान के असर को देखते हुए रेल विभाग ने 16 ट्रेनों का रूट बदल दिया है. ट्रेनों को अब मूरी-चांडिल-राजखरसावां मार्ग से चलाया जाएगा. इनमें 15027 मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, 12836 हाटिया-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 18523 विशाखापत्तनम-बनारस एक्सप्रेस, 18639 हाटिया-बंगलुरु एक्सप्रेस, 20833 भुवनेश्वर-जबलपुर एक्सप्रेस और 03253 पटना-चल्लापल्ली स्पेशल शामिल हैं.
17007 चल्लापल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस, 13351 धनबाद-आलप्पुझा एक्सप्रेस, 06056 चेन्नई-पोर्नर एक्सप्रेस, 15028 गोरखपुर-सुपौल एक्सप्रेस और 22832 भुवनेश्वर-दानापुर एक्सप्रेस भी टाटानगर से चलेगी. इन ट्रेनों को राजखरसावां, चांडिल, टाटानगर, पुरी, फुलफरिया और कांटाडीह मार्ग से चलाया जाएगा. टाटानगर जंक्शन पर इन ट्रेनों का ठहराव रहेगा.
तूफान के असर को देखते हुए रेलवे ने 4 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. इनमें 58569 हाटिया-राजखरसावां पैसेंजर, 57660 राजखरसावां-हाटिया पैसेंजर और 58665-58666 हाटिया-शंकरगढ़-हाटिया पैसेंजर को अस्थायी रूप से रद्द किया गया है. 18452 हाटिया-पुरी तपस्विनी एक्सप्रेस को रांची में और 18176 झारसुगुड़ा-हाटिया मेमू को चांडिल में खत्म किया जाएगा. रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा करने से पहले रेलवे की वेबसाइट या स्टेशन पर ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर लें.
चक्रवात ‘मोंथा’ के प्रभाव पर आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. एन. पुवियारसन कहते हैं कि अगले 4-5 घंटों में चक्रवाती तूफान कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल सकता है. इसका कर्नाटक पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन बीदर, कलबुर्गी और विजयपुरा जिलों में बारिश हो सकती है. बेंगलुरु में भी सिर्फ बादल छाए रहेंगे.
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास लैंडफॉल करने के बाद भारी बारिश हुई और तटीय इलाकों में बाढ़ आ गई. स्कूल डूब गया और कार-ट्रक बह गए. रेलवे स्टेशन में भी पानी भर गया है, जिसके चलते ट्रेनें डायवर्ट की गईं. करीब 5.30 घंटे तूफान का लैंडफॉल चला. इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. मछलीपट्टनम में कई जगह पेड़ गिरे. समुद्र किनारे के मकान ढह गए. कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए और पोल गिर गए. शहर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई. कोनासीमा में घर पर पेड़ गिरने से बुजुर्ग महिला की मौत हुई. एक दूसरी घटना में 2 अन्य लोग घायल हो गए.
IMD के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. बिहार और झारखंड में 30 और 31 अक्टूबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, ओडिशा में 29 अक्टूबर को, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 29 और 30 अक्टूबर को तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को ऐसी स्थिति रह सकती है.
29 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई/कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/गरज के साथ तूफान की संभावना है. 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के दौरान गुजरात राज्य में मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है. 29 से 31 अक्टूबर के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
चक्रवाती तूफान मोन्था के छत्तीसगढ़ और समीपवर्ती विदर्भ से उत्तर की ओर बढ़ने और एक चिह्नित क्षेत्र में कमजोर पड़ने की संभावना है. अगले 12 घंटों के दौरान कम दबाव का क्षेत्र, पूर्वी मध्य अरब सागर पर दबाव का क्षेत्र पिछले 6 घंटों के दौरान व्यावहारिक रूप से स्थिर रहा और कल 29 अक्टूबर 2025 को उसी क्षेत्र में अक्षांश 17.9N और देशांतर 69.0E के पास वेरावल (गुजरात) से लगभग 360 किमी दूर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में, मुंबई (महाराष्ट्र) से 430 किमी दूर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम और पंजिम (गोवा) से 580 किमी दूर पश्चिम-उत्तरपश्चिम में केंद्रित था. अगले 36 घंटों के दौरान इस दबाव वाले क्षेत्र के भी पूर्वी मध्य अरब सागर में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
चक्रवाती तूफान मोन्था आंध्र प्रदेश और ओडिशा में लैंडफॉल के बाद पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा है. बीते दिन 29 अक्टूबर 2025 को तूफान दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ पर, अक्षांश 19.6N और देशांतर 80.7°E के पास कांकेर (छत्तीसगढ़) से लगभग 110 किमी दूर दक्षिण-पश्चिम में, जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से 150 किमी दूर पश्चिम-उत्तरपश्चिम, चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से 150 किमी दूर पूर्व-दक्षिणपूर्व में, रामगुंडम (तेलंगाना) से 160 किमी दूर उत्तर पूर्व और नागपुर (महाराष्ट्र) से 240 किमी दूर दक्षिणपूर्व में केंद्रित रहा.
Cyclone Montha LIVE Updates: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान Montha ने मंगलवार रात को 100 किलोमीटर प्रति घंटा स्पीड से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में लैंडफॉल किया और भीषण तबाही मचाई. शाम साढ़े 7 बजे से रात एक बजे तक आंध्र प्रदेश में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई.
बुधवार की सुबह तूफान 74 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ओडिशा पहुंचा, जहां तूफान हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हुई, जिसके चलते तबाही का मंजर देखने को मिला. वहीं अब तूफान 37 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने इसके असर से 13 राज्यों में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है.
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