CRPF ITBP cut fuel consumption: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन (पेट्रोल-डीजल) बचाने की खास अपील की है. पीएम की इस अपील का असर अब देश के अर्धसैनिक बलों पर साफ दिखने लगा है. देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. सीआरपीएफ ने अपने सभी वाहनों के पेट्रोल और डीजल के बजट में सीधे 10% की कटौती करने का निर्णय लिया है.

अफसरों की अतिरिक्त गाड़ियों पर लगी रोक

सीआरपीएफ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बल के मुख्यालय ने इस बात पर भी रोक लगा दी है कि किसी भी अफसर को एक से ज्यादा गाड़ियां न मिलें. इसके साथ ही, मुख्यालय ने जवानों और अधिकारियों से तेल बचाने के लिए नए सुझाव भी मांगे हैं. तेल की बर्बादी रोकने के लिए एक और अनोखा कदम उठाया गया है. अब उन इलाकों में मोटरसाइकिल गश्त (पेट्रोलिंग) पूरी तरह बंद कर दी गई है, जहां जवान आसानी से साइकिल का इस्तेमाल कर सकते हैं. बल का मानना है कि साइकिल से गश्त करने से पेट्रोल तो बचेगा ही, साथ ही जवानों की फिटनेस भी और बेहतर होगी. हालांकि, यह नियम अति संवेदनशील इलाकों पर लागू नहीं होगा.

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ITBP ने विदेशी दौरों पर लगाई पाबंदी

ईंधन और देश के संसाधनों को बचाने की इस मुहिम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) भी पीछे नहीं है. आईटीबीपी ने अपने अधिकारियों और जवानों के सभी विदेशी दौरों पर फिलहाल रोक लगा दी है. महानिदेशालय ने अपने आदेश में साफ किया है कि प्रशासनिक कामों और स्थिर लोकेशंस (स्टैटिक ड्यूटी) पर तैनात गाड़ियों की संख्या तुरंत कम की जाएगी.

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देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

दोनों ही बलों ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि तेल बचाने की इस पूरी कवायद का असर देश की सुरक्षा तैयारियों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा. आतंकवाद विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा जैसी संवेदनशील ड्यूटी में लगी गाड़ियों को इस कटौती से बाहर रखा गया है. बल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश की सेफ्टी और सिक्योरिटी से किसी भी कीमत पर समझौता किए बिना ही ईंधन की बचत की जाएगी.

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